भ्रष्टाचार मुद्दों पर लगी ५ साल की सीमा हटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया

काठमांडू, ३० अगस्त । भ्रष्टाचार संबंधी मुद्दों को जो कानून है, उसको संशोधन के लिए जो विधेयक तैयार है, उसमें भ्रष्टाचार संबंधी मुद्दों में ५ साल की सीमा है । इस सीमा को अब हटा दिया गया है । गृहमंत्री रमेश लेखक जब राज्य व्यवस्था तथा सुशासन समिति में उपस्थित होकर जब ५ साल की सीमा को हटाने का निर्णय लिया, तब सर्वसम्मति से इसमें निर्णय हुआ है । राज्य व्यवस्था एवं सुशासन समिति ने प्रस्तावित विधेयक की धारा १६ में संशोधन कर सीमा संबंधी व्यवस्था को हटा दिया है ।
सरकार की ओर से सीमा हटाने का जो निर्णय हुआ है, इसको लेकर सांसदों ने खुशी व्यक्त की है । बैठक में राष्ट्रीय जनमोर्चा के सांसद चित्र बहादुर केसी ने कहा कि सीमा हटाने के फैसले पर सदन ही नहीं, पूरी दुनिया में नेपाली लोग जश्न मनाएंगे । उन्होंने टिप्पणी की कि सरकार दबाव में आकर सीमा हटाने का निर्णय किया है, जो सकारात्मक नहीं है । उन्होंने कहा– ‘जब नेपालियों ने कहा कि सीमा नहीं रहेगी तो हर जगह खुशी हुई । मुझे लगता है कि सरकार बहुत दबाव के बाद इसे हटाने पर सहमत हुई ।’
राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के सभापति रवि लामिछाने ने कहा कि मृत्यु के बाद भी पुरस्कार देने की व्यवस्था है, इसीलिए भ्रष्टाचार मुद्दों में भी सीमा को खारीज करना सकारात्मक है ।’ इसीतरह नेकपा माओवादी केन्द्र के प्रमुख सचेतक सांसद् हितराज पाण्डे, माओवादी केन्द्र के ही सांसद् दुर्गा राई, नेकपा एमाले के सांसद् रघुजी पन्त जैसे नेताओं ने भी इस निर्णय को स्वागत किया है ।

