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भरपेट खाकर राजेन्द्र महतो ने कहा ‘भोजन स्वादिष्ट था पर वार्ता अस्वादिष्ट’

 

UML-and-madhesidal-meeting२० ,मंसिर, काठमाडौं । नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी ओली के घर मे कल्ह शुक्रबार को दिन का खाना भरपेट खाकर लौटे सदभवना पार्टी के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने बताया है एमाले का भोजन तो बहुत ही स्वादिष्ट था लेकिन वार्ता पचानेवाली नही हुई ।

ओली निवास बालकोट मे सम्पन्न हुई एमाले और मधेसवादी नेताओं के बैठक बाद सदभावना पार्टी के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कहा कि ‘भोजन तो स्वादिष्ट मिला पर वार्ता भोजन जैसा नही हुइ । अनलाइनखबर ने यह जानकारी दी है ।

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उधार संविधान का प्रस्ताव

बैठक मे एमाले के नेताओं ने संघीयता का मुद्दा एक आयोग को जिम्मा देकर फिलहाल संविधान जारी करने का प्रस्ताव आगे लाया था ।

बैठक मे ओली व्दारा रखे गये संघीयता का विवाद वाद मे निर्णय करने सम्बन्धी प्रस्ताव को मधेसवादी दलों ने अस्वीकार दिया है । ‘यह कल्पना भी नही की जा सकती ’ एमाले नेताओं के साथ हुई  बैठक मे मधेसवादी दलओं के नेताओं ने कहा -‘अधुरी संविधान स्वीकार्य होगी।’

आन्दोलन की उपलब्धी ही संघीयता है कहते हुये मधेसी नेताओं ने एमाले को चेतावनी भी दिया । मधेसी नेताओं ने पुर्व गठित आयोग व्दारा  वुझाएगये प्रतिवेदन को ही सन्दर्भ समाग्री के रुप मे प्रयोग करने का सुझाव भी दिया ।

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सरकार गठन के वारे मे वात नही करने की  चेतावनी

एमाले के नेताओं द्वारा राष्ट्रीय सरकार गठन करके सरकाे मे आने का प्रस्ताव को भी मधेशी नेताओं ने ठुकरा दिया है ।

मधेसी मोर्चा आइन्दा सरकार की बात नही करने की चेतावनी देते हुये संघीयता विना का संविधान स्वीकार्य नही होने की बात प्रष्ट करदिया है महतो ने जानकारी दी ।

अन्तमे ओली ने दी चुनौती

अपना दोनो प्रस्ताव अस्वीकार कियेजाने के बाद ओली ने मधेसी नेताओं को मतदान प्रक्रिया स्वीकार करने की चुनौती दे डाली । ओली ने कहा कि ६०१ सभासदों को सहमत कराकर संविधान जारी करना सम्भव नही है इसलिये लोकतान्त्रिक प्रक्रिया को स्वीकार करना चहिये।

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लेकि मधेसवादी नेताओं ने पहलेकी सहमति के अनुसार सविंधान निर्माण पर जोड दिया ।

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