नेपाल संसद में तेजी: 7 दिनों में दर्ज हुए 10 महत्वपूर्ण विधेयक

मंगलवार को ही तीन विधेयक दर्ज किए गए, जिनमें ‘रामराजा प्रसाद सिंह स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान विधेयक’, ‘केही नेपाल ऐनको व्यवस्था जगाउने विधेयक’ (कुछ नेपाल अधिनियम के प्रावधानों को पुनर्जीवित करने वाला विधेयक) और ‘महिला, बालबालिका, लैङ्गिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक र सामाजिक सुरक्षा सम्बन्धी केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने विधेयक’ (महिला, बच्चे, लैंगिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित कुछ नेपाल अधिनियम संशोधन विधेयक) शामिल हैं।
इससे पहले 5 असोज (सितंबर) को पांच विधेयक दर्ज किए गए थे, जिनमें ‘डिप्लोमा इंजीनियरिंग परिषद विधेयक’, ‘राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विश्वविद्यालय विधेयक’, ‘स्वास्थ्यकर्मी तथा स्वास्थ्य संस्थाको सुरक्षा सम्बन्धी (दोस्रो संशोधन) विधेयक’ (स्वास्थ्य कर्मियों और स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा से संबंधित (दूसरा संशोधन) विधेयक) शामिल हैं।
इसके अलावा ‘सुरक्षित मातृत्व तथा प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार (पहिलो संशोधन) विधेयक’ और ‘आमाको दूधलाई प्रतिस्थापन गर्ने वस्तु (बिक्री वितरण नियन्त्रण) (पहिलो संशोधन) विधेयक’ (मां के दूध को प्रतिस्थापित करने वाली वस्तुओं के बिक्री-वितरण नियंत्रण से संबंधित (पहला संशोधन) विधेयक) भी दर्ज किए गए हैं।
2 असोज को ‘निःशुल्क कानूनी सहायता सम्बन्धी विधेयक’ और 1 असोज को ‘फोहोरमैला व्यवस्थापन विधेयक’ (अपशिष्ट प्रबंधन विधेयक) दर्ज किया गया था।
कानून, न्याय तथा संसदीय कार्य मंत्री सोबिता गौतम के अनुसार, सरकार कानून निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए आगे बढ़ रही है।
मंगलवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में ‘राष्ट्रीय क्षेत्राधिकार बाहिरको सामुद्रिक जैविक विविधताको संरक्षण र दिगो उपयोगसम्बन्धी (बीबीएनजे) सम्झौता’ (राष्ट्रीय क्षेत्राधिकार से बाहर समुद्री जैव विविधता के संरक्षण और सतत उपयोग (BBNJ) समझौते) पर चर्चा के दौरान सांसदों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने यह बात कही थी।
उन्होंने कहा था, “इस वर्ष हमारा 166 कानून बनाने का लक्ष्य है और अब तक 40 से अधिक दर्ज हो चुके हैं।”