विपद् संकटग्रस्त क्षेत्र घोषित ७१ स्थानीय तह में राहत, पुनर्स्थापना और पुनर्निर्माण के लिए ४३ करोड़ रुपये भेजने का निर्णय
काठमांडू, कार्तिक ३ – सरकार ने विपद् संकटग्रस्त क्षेत्र घोषित ७१ स्थानीय तह में राहत, पुनर्स्थापना और पुनर्निर्माण के लिए ४३ करोड़ रुपया भेजने का निर्णय किया है । शुक्रवार की शाम को हुई मन्त्रिपरिषद् की बैठक ने विपद् संकटग्रस्त स्थानीय तह को तत्काल ५० लाख से लेकर एक करोड़ रुपया तक अनुदान भेजा जाएगा । यह रकम निकासा करने के निर्णय ले लिया गया है ।
शुक्रवार अपराह्न हुए विपद् न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन राष्ट्रीय परिषद् की बैठक ने असोज ११ और १२ गते को हुई भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए सबसे ज्यादा प्रभावित ९ स्थानीय तह को १–१ करोड़, ज्यादा प्रभावित १२ स्थानीय तह को प्रतिस्थानीय तह ७५ लाख रुपया और विपद् प्रभावित ५० स्थानीय तह को ५० लाख रुपया के दर से अनुदान उपलब्ध कराने के लिए निर्णय की सिफारिश की थी ।
इसी तरह सरकार ने सत्य निरूपण तथा मेलमिलाप और लापता व्यक्तियों की छानबीन आयोग में पदाधिकारी नियुक्ति करने के लिए सिफारिश समिति गठन की गई है । पूर्वप्रधानन्यायाधीश ओमप्रकाश मिश्र के नेतृत्व में समिति गठन की गई है ।
मन्त्रिपरिषद् की बैठक ने इससे पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड नेतृत्व की सरकार द्वारा गठन किए मिश्र नेतृत्व की सिफारिश समिति को ही आयोग का पदाधिकारी सिफारिश करने की जिम्मेदारी दी है । सिफारिस समिति के सदस्य में राष्ट्रीय मानवअधिकार आयोग के सदस्य या आयोग में तय किए गए सदस्य एक, सर्वोच्च अदालत के पूर्वन्यायाधीश जगदीश शर्मा पौडेल, डा. अर्जुनकुमार कार्की, स्टेला तामाङ और वरिष्ठ अधिवक्ता खम्मबहादुर खाती सदस्य हैं ।
प्रचण्ड नेतृत्व के सरकार ने २०८० चैत ३० में पूर्वन्यायाधीश मिश्र के संयोजकत्व में सिफारिस समिति की गठन की थी ।
अब सिफारिश समिति आयोग के पदाधिकारी में नियुक्ति के लिए व्यक्तियों के नाम का सिफारिश करेगी और उसके बाद सरकार उक्त सिफारिस के आधार में दोनों आयोग में पदाधिकारियों की नियुक्त करेगी ।


