Tue. Sep 22nd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपालगञ्ज में नेपाल सम्वत् ११४५ के साथ भिन्तुना रैली निकाली गई 

 

नेपालगञ्ज (बाँके) पवन जायसवाल । नेपाल और नेपालियों का मौलिक सम्वत् नेपाल सम्वत् ११४५ कार्तिक १७ गते शनिवार म्हँः पूजा तथा गोवद्र्धन पूजा के दिन नेपालगञ्ज में शुभकामना के साथ भिन्तुना रैली भव्य रुप में सम्पन्न हुआ । 

बाँके जिला में बसोबास करते आ रहे नेवार समुदाय की साझा तथा छाता संगठन नेवाः पुचः बाँके के अध्यक्ष जीतेन्द्र कुमार जोशी और वह कार्यक्रम के संयोजक युवा व्यवसायी विष्णु प्रसाद श्रेष्ठ के अगुवाई में स्थानीय गणेशमान चौक से मोटर साइकल रैली शुरु होकर नेपालगञ्ज बाजार के विभिन्न जगहों का  परिक्रम करते हुये नेपालगञ्ज उप–महानगरपालिका वार्ड नं.–२० राँझा विमानस्थल के पास भीमसेन मन्दिर की परिसर में पहुँचकर समापन हुआ था ।

नेवाः पुचः बाँके जिला के अध्यक्ष जीतेन्द्र कुमार जोशी के अध्यक्षता में आयोजन किया गया शुभकामना आदान प्रदान कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि लुम्बिनी प्रदेश सभा की साँसद् मीना श्रेष्ठ ने नेपाल सम्वत् नेपाल और नेपाली की मौलिक सम्वत् होने के नाते सभी लोग इस की अपनत्व लेना चाहिये बताते हुई  नेपालगञ्ज में नेवारी भाषा, साहित्य संस्कृति की अगाडी बढाना तथा राष्ट्रीय विभूति शंखधर साख्वःकी शालिक रखने के लिये पहल की है प्रदेश सरकार से सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिवद्धता व्यक्त की है ।

यह भी पढें   एमाले बैठक में सिर्फ ओली की ही चली और बैठक का पहला सत्र समाप्त

वह अवसर पर नेवाः पुचःके पार्षद् एवं वरिष्ठ पत्रकार पूर्णलाल चुके ने राष्ट्रीय विभूति शंखधर साख्वाः ने देशभर के जनता की कर्ज मुक्त करके नेपाल को कर्ज मुक्त देश के रुप में घोषणा किया गया था और पशुपतिनाथ मन्दिर में शुद्र जाति को प्रवेश कराना जैसी क्रान्तिकारी कदम चलाये थे । भक्तपुर के तत्कालीन राजा आनन्द देव (वि.सं.९३०), ललितपुर और काठमाण्डौं में राजा राघवदेव के शासनकाल में प्रचलन में लाया गया नेपाल सम्वत् भक्तपुर के राजा राघव देव के पाला से चन्द्र शम्शेर के पाला तक सरकारी कार्यालय में समेत नेपाल सम्वत् की प्रचलन रही थी इतिहास में उल्लेख रही है बताया । इस लिये चलाया गया  नेपाल और नेपालियों की मौलिक और राष्ट्रीय सम्वत् ही नेपाल सम्वत् है कहा ।

नेवा देय दवू नेपालगञ्ज नगर कमिटी के अध्यक्ष दिपेन्द्र कुमार जोशीद्वारा सहजीकरण किया गया वह कार्यक्रम में जनजाति महासंघ बाँके के अध्यक्ष डम्बर थापा मगर, नेवा देय दवू बाँके के अध्यक्ष बद्री प्रसाद श्रेष्ठ, नेपाली काँग्रेस बाँके के उप–सभापति गोपाल अधिकारी, नेवाः पुचः बाँके की सह–सचिव शीला श्रेष्ठ, कारकाँदौं गुठी के अध्यक्ष जीत बहादुर श्रेष्ठ, कोहलपुर गुठी, राँझा गुठी के अध्यक्ष लगायत सहभागी नेवाः अगुवाओं ने नेपाल सम्वत् नेवार समुदाय की मात्र नहोकर  सभी जातजाति के नेपालियों ने अपनत्व लेना चाहिये बताया । 

यह भी पढें   डॉ. संगीता मिश्र प्रधानमंत्री कार्यालय में, विपद् के बाद संभावित महामारी नियंत्रण की जिम्मेदारी

नेपाल सम्वत् की शुभारम्भ के अवसर पर ‘न्हू दँ या भिन्तुना’ कहते हुये  नेपालभर और विदेश में भी ‘भिन्तुना रैली’ निकाली जाती है । नेपाल सम्वत् चन्द्रमास में आधारित समय चक्र अथवा साल है । विक्रम सम्वत् की कार्तिक शुक्ल पक्ष के दिन में नेपाल सम्वत् की प्रथम दिन पडती है । तिथि के हिसाब से नेपाल सम्वत् र ‘म्ह पूजा’ एक दिन अर्थात् कार्तिक प्रतिपदा के दिन पडती है ।

वि.सं.२०४७ साल में नेपाल में प्रजातन्त्र की पुनःस्थापना होने के बाद में २०५६ साल मंसीर २ गते तत्कालीन सरकार ने नेपाल सम्वत् के प्रवर्तक शंखधर साख्वाः को नेपाल के राष्ट्रीय विभूति’ को सम्मान देने की घोषणा किया था । इस सम्व्त को नेपाल सरकार ने राष्ट्रीय संवत् के रुप में घोषणा करते हुये आधिकारिक मान्यता दिया था और सरकारी पत्राचार में प्रयोग करते आया है । 

राँझा में पहुँचकर रैली में सहभागियों को नेवारी परम्परा अनुसार सगुन देते हुये समयबजी प्रदान किया गया था । इसी तरह सहभागिता कराने के लिये आयोजक को सुझाव दिये थे । 

यह भी पढें   मौसम अपडेट: आज देशभर कैसा रहेगा मौसम ?

इसे पहले नेपाल सम्वत् शुभारम्भ के शुभकामना अर्थात् भिन्तुना रैली की शुभारम्भ करते हुये लुम्बिनी प्रदेश सरकार की आन्तरिक मामिला तथा कानून मन्त्री आदेश अग्रवाल ने नेपालगञ्ज के अन्दर राष्ट्रीय विभूति शंखधर साख्वः की शालिक रखने के लिये पहल किया गया है प्रदेश सरकार से मैं भी सहयोग करने की आश्वासन दिया है ।

वह अवसर पर विशिष्ठ अतिथि लुम्बिनी प्रदेश सभा के साँसद् मीना श्रेष्ठ, नेपालगञ्ज उप–महानगरपालिका के प्रमुख प्रशान्त विष्ट, प्रमुख जिला अधिकारी खगेन्द्र प्रसाद पौडेल, नेपाली काँग्रेस बाँके के सभापति नारायण प्रसाद गौडेल, राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी के सह–महामन्त्री ऋषिराज देवकोटा, नेवाः देयः दबू बाँके के निवर्तमान अध्यक्ष तथा नागरिक अगुवा कृष्णप्रसाद श्रेष्ठ, वरिष्ठ पत्रकार शरण कर्माचार्य, वडा नं. २ के वडाध्यक्ष मनोज कुमार श्रेष्ठ लगायत लोगों ने नेपाल सम्वत् की ऐतिहासिक महत्व के बारे में प्रकाश डाल्ते हुये इस के प्रवर्तक राष्ट्रीय शंखधर साख्वः की योगदान के बारे में प्रकाश डाले थे ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com