कोप–२९ में राष्ट्रपति पौडेल ने कहा – हिमाल की सुरक्षा मतलब पृथ्वी की सुरक्षा है
काठमांडू, कार्तिक २७ – राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने विश्व समुदाय से ‘हिमाल की सुरक्षा मतलब पृथ्वी की सुरक्षा है’ के विषय पर ध्यान देने का आह्वान किया है ।
अजरबैजान के बाकू में चल रही जलवायु परिवर्तन सम्बन्धी संयुक्त राष्ट्रसंघीय संरचना महासन्धि पक्ष राष्ट्रों के २९ वें सम्मेलन (कोप–२९) में विश्व नेताओं के उच्चस्तरीय सत्र को मंगलवार को राष्ट्रपति पौडेल ने सम्बोधित किया । अपने संबोधन में उन्होंने आग्रह करते हुए कहा कि हिमाल से लेकर समुद्र तक के एकीकृत और समष्टिगत अनुकूलन अवधारणा को औपचारिक संवाद को विषय बनाना चाहिए ।
पौडेल ने कहा कि “हिमाल की सुरक्षा मतलब पृथ्वी की सुरक्षा है । इस बात का ध्यान सभी रखें । पर्वतीय देश के श्वेत हिमाल काले पहाड़ में परिणत हो रहे हैं । इससे केवल उन देशों में ही नहीं वरन नीचले तटीय देश में भी संकट आएंगे । इस बात को विश्व को नहीं भूलना चाहिए ।


