नेपालगन्ज के पेशागत महासघं नेपाल द्वारा संबिधान सभा के अध्यक्ष को ज्ञापन– पत्र
नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल, २०७१ पौष २५ गते ।
पेशागत महासघं नेपाल जिला कार्य समिति बाँके नेपालगन्ज ने जिला प्रसाशन कार्यालय बाँके के प्रमुख जिला अधिकारी मार्फत पौष २५ गते शुक्रवार को संबिधान सभा के अध्यक्ष को ज्ञापन– पत्र दिया है ।
इस महासंघ अन्र्तगत २४ राष्ट्रीय घटक और ५० से अधिक प्रतिष्ठान भी आवद्ध है । पेशागत महासंघ नेपाल मूलुक भर में कार्यरत रहें शिक्षक, निजामति कर्मचारी, सार्वजनिक संस्थान, बैंक, बीमा तथा बित्तिय क्षेत्र, बिश्वबिद्यालय कर्मचारी, स्थानीय निकाय, स्वास्थ्य क्षेत्र, इन्जिनियर, सर्भेयर्स, लेखा परीक्षक, पब्लिक कयाम्पस प्राध्यापक, उच्च माध्यमिक बिद्यालय, बीमा अभिकर्ता, सेवा निबृत राष्ट्रसेवक, कानून व्यवासयी लगायत के सार्वजनिक क्षेत्रों में क्रियाशील ४ लाख से अधिक पेशाकर्मी प्रतिष्ठान आवद्ध रहे है ।
पेशागत महासघं नेपाल ने पेशाकर्मीयों के हक, हित र्आैर अधिकार की रक्षा के लियें यह अभियान सञ्चालन किया है इस के अलावा सामाजिक परिर्वतनों में भी ऐतिहासिक आन्दोलन की भूमिका भी निर्वाह करते आया है ।
२०६२-२०६३ साल के जन लोकतान्त्रिक आन्दोलन और संबिधान सभा की निर्वाचन सम्पन्न कराने में भी पेशामर्कीयों की महत्वपूर्ण योगदान था । पहला संबिधान सभा ने संबिधान निर्माण नही कर पाया इस लियें दुःखद भूमिका बिघटन हुआ । और दुसरा संबिधानसभा गठन होने के बाद भी प्रमुख राजनीतिक दलों ने २०७१ साल माघ ८ गते के अन्दर में नया संबिधान बनाएगें जनता के साथ व्यक्त किया प्रतिबद्धता की समय सीमा भी खतम होने लगी है । पेशाकर्मीयों की राजनीतिक अधिकार और ट्रेड यूनियन अधिकार सहित श्रमिकों का आधारभूत अधिकारों की सुनिश्चतता सहित निश्चित समय सीमा के अन्दर में ही श्रमिक मैत्री संबिधान बनाने की आवशयकता है ।
लम्बा समय तक कायम रहा सक्रमणकाल को अन्त्य करने के लियें नेपाली जनता का जनादेश मुताबिक २०७१ माघ ८ गते के अन्दर में ही संबिधानसभा मार्फत संघीय लोतान्त्रिक गणतन्त्र नेपाल की श्रमिक मैत्री संबिधान बनाने के लियें सभामुख मार्फत संविधानसभा समक्ष यह ज्ञापन–पत्र दिया गया है । समय सीमा के अन्दर में संबिधान नही बना तो आम नेपाली जनता के साथ पेशाकर्मी श्रमिक लोकतान्त्रिक रक्षा के लियें सडक पर भी उतरेगा । पेशागत महासघं नेपाल जिला कार्य समिति बाँके नेपालगन्ज के सचिव इन्द्र बहादुर बस्नेत ने जानकारी दी है ।

