Wed. Dec 10th, 2025
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सुशासन का महत्वपुर्ण औजार सूचना का अधिकार

???????????????????????????????नेपालगन्ज, (बाँके) पवन जायसवाल २०७१, पौष २६ गते ।
सूचना और मानव अधिकार अनुसन्धान केन्द्र नेपालगन्ज ने पौष २५ गते शुक्रवार को बाँके जिला के सोनपुर गाबिस में आयोजित सूचना की हक सम्बन्धी अभिमुखीकरण में सरोकारवाला निकाय ने यह हक का प्रयोग से सुशासन कायम करने के लियें बताया है ।
स्थानीय स्तरों का विकास, पारदर्शिता, तथा जवाफदेहिता के लियें महत्वपुर्ण औजार सूचना का अधिकार है एक कार्यक्रम में बताया गया है ।
कार्यक्रम में सहभागियों ने यह ऐन के विषय में सार्वजनिक निकाय के कर्मचारीयों ने जानकारी नही पाया सेवा प्रवाह करने में समस्या हुआ है  कहते हुयें उन लोगों को  इस विषय में जानकारी देना एकदम जरुरी है इसपर जोर दिया ।
???????????????????????????????उन्होंने सूचना देने वाले और माँग करने वालों ने इस में स्पष्ट न होने से  कभी कभी समस्या दिखाई पडता है बताया । कुछ दिन पहले गाविस के युवाओं ने गाविस में सूचना माँग करते समय के बारे में प्रविधि ज्ञान की समस्या से विवाद होती है औ युवाओं ने प्रहरी समक्ष पहुँचने की अवस्था आती है इस बारे में स्पष्ट प्रक्रिया सम्झना जरुरी है स्थानीय युवा आदित्य यादव ने बताया ।
कार्यक्रम में केन्द्र के अध्यक्ष विश्वजीत तिवारी, सपना भटराई, राकेशकुमार मिश्र, सूचना अभियन्ता सोम गुरुङ ने सूचना की हक के विभिन्न पक्षों के बारे में जानकारी करायें थे । उसी अवसर पर लक्ष्मण पथिक के संयोजकत्व में १३ सदस्यीय आर. टि. आई. ग्रुप भी गठन किया गया  । समुह के सदस्यों में सञ्जय मिश्र, पुष्पा सुनार, पूजा खनाल, अब्दुल हक खँ“, किरण विक, मोहम्मद रफी खँ“, गंगन विक, रंगबहादुर रोकाय, सुनील मिश्र, लालमता पथिक, हुसेन मोहम्मद खँ“ रहे है ।
कार्यक्रम के बाद में सबिधान कब बनेगीे, अभी तक सहमती हुआ मस्यौदा तथा सहमति होना बा“की रहा विषयबस्तु लगायत के विषय पर ???????????????????????????????संबिधान सभा सचिवालय से मा“ग किया गया सूचना के निबेदन में उस जगाह के करीब ७० लोगों स्थानीयबासियों ने हस्ताक्षर किया है ।
देशभर में शुरुवात किया गया अभियान अन्र्तगत बा“के जिला में अभी तक ६ सौ से अधिक लोगों ने निवेदन में हस्ताक्षर किया है । मा“ग किया गया सूचना को खामबन्दी से संबिधान लिखकर प्रर्दशन किया गया था । उसे पत्र को  हुलाक मार्फत सबिधानसभा सचिवलय में भेजा गया है केन्द्र के अध्यक्ष बिश्वजीत तिवारी ने जानकारी दि । के) पवन जायसवाल २०७१, पौष २६ गते ।
सूचना और मानव अधिकार अनुसन्धान केन्द्र नेपालगन्ज ने पौष २५ गते शुक्रवार को बा“के जिला के सोनपुर गाबिस में किया सूचना की हक सम्बन्धी अभिमुखीकरण में सरोकारवाला निकाय ने यह हक की प्रयोग से सुशासन कायम करने के लियें बताया है ।
स्थानीय स्तरों की विकास, पारदर्शिता, तथा जवाफदेहिता के लियें महत्वपुर्ण औजार सूचना की अधिकार रहा है एक कार्यक्रम में बताया गया है ।
कार्यक्रम में सहभागियों ने यह ऐन के विषय में सार्वजनिक निकाय के कर्मचारीयों ने जानकारी नही पाया सेवा प्रवाह करने में समस्या हुआ है  कहते हुयें उन लोगों को  इस विषय में जानकारी देना एकदम जरुरी रहा है ।
उन्हों ने सूचना देने वाले और मा“ग करने वालों ने इस में स्पष्ट न होने से  कभी कभी समस्या दिखाई पडी है बताया । कुछ दिन पहले गाविस के युवाओं ने गाविस में सूचना मा“ग करते समय के बारे में प्रविधि ज्ञान के समस्या से विवाद होती है औ युवाओं ने प्रहरी समक्ष पहु“च ने की अवस्था आती है इस बारे में स्पष्ट प्रक्रिया सम्झना जरुरी रही है स्थानीय युवा आदित्य यादव ने बताया ।
कार्यक्रम में केन्द्र के अध्यक्ष विश्वजीत तिवारी, सपना भटराई, राकेशकुमार मिश्र, सूचना अभियन्ता सोम गुरुङ ने सूचना की हक के विभिन्न पक्षों के बारे में जानकारी करायें थे । उसी अवसर पर लक्ष्मण पथिक के संयोजकत्व में १३ सदस्यीय आर. टि. आई. ग्रुप भी गठन किया गया  । समुह के सदस्यों में सञ्जय मिश्र, पुष्पा सुनार, पूजा खनाल, अब्दुल हक खँ“, किरण विक, मोहम्मद रफी खँ“, गंगन विक, रंगबहादुर रोकाय, सुनील मिश्र, लालमता पथिक, हुसेन मोहम्मद खँ“ रहे है ।
कार्यक्रम के बाद में सबिधान कब बनेगीे, अभी तक सहमती हुआ मस्यौदा तथा सहमति होना बा“की रहा विषयबस्तु लगायत के विषय पर संबिधान सभा सचिवालय से मा“ग किया गया सूचना के निबेदन में उस जगाह के करीब ७० लोगों स्थानीयबासियों ने हस्ताक्षर किया है ।
देशभर में शुरुवात किया गया अभियान अन्र्तगत बा“के जिला में अभी तक ६ सौ से अधिक लोगों ने निवेदन में हस्ताक्षर किया है । मा“ग किया गया सूचना को खामबन्दी से संबिधान लिखकर प्रर्दशन किया गया था । उसे पत्र को  हुलाक मार्फत सबिधानसभा सचिवलय में भेजा गया है केन्द्र के अध्यक्ष बिश्वजीत तिवारी ने जानकारी दी ।

यह भी पढें   राप्रपा का विरोध कार्यक्रम आज

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *