‘मिसिङः केटी हराएको सूचना’ : पहाड को ‘मधेश’ समझाने की कोशीश
काठमांडू, २७ जनवरी । शुक्रबार से देशभर प्रदर्शन है– नेपाली फिल्म ‘मिसिङः केटी हराएको सूचना !’ देशभर स्थित हॉल में २८१ शो के साथ फिल्म प्रदर्शन में आया है ! काठमांडू में १०१ शो है तो काठमांडू घांटी से बाहर १८० शो फिल्म को मिला है । लेकिन प्रदर्शन की इस पाँच दिनों की अवधि में फिल्म में दर्शकों की उपस्थिति ज्यादा उत्साहजनक नहीं है ।

लेकिन फिल्म के कलाकार रुपेश मण्डल का कुछ और ही कहना है । मण्डल कहते हैं कि काठमांडू घांटी को छोड़कर देखते हैं तो तराई–मधेश में फिल्म की प्रदर्शन अच्छी है । उनका मानना है कि मधेश के लोग जनकपुर को देखना चाहते हैं और फिल्म में जनकपुर क्षेत्र के बहुत से दृश्यों को रखा गया है । उन्होंने यह भी दावा किया है कि जनकपुर के संबंध में कुछ जानने के लिए इच्छुक लोगों के लिए भी यह फिल्म एक माध्यम बन सकता है ।
फिल्म में मधेशी युवा और पहाड़ी युवती की प्रेम कथा है । कथावस्तु अनुसार पहाड़ी युवती को अपहरण कर तराई (जनकपुर) ले जाया जाता है, जहां मधेश की संस्कृति और सौन्दर्य को दिखाया गया है । इतना ही नहीं, मधेशी और पहाडी समुदाय के आपसी संबंध और मिलन को भी फिल्म में दिखाया गया है । इसीलिए फिल्म समीक्षकों का मानना है कि फिल्म के माध्यम से पहाड़ी समुदाय को पूरा मधेश समझाने की कोशिश की गई है । बताया गया है कि आज तक जितनी भी नेपाली फिल्म बनी है, उसमें मधेश को नकारात्मक दृष्टिकोण से ही प्रस्तुत किया गया है, लेकिन ‘मिसिङः केटी हराएको सूचना’ में मधेश को सुन्दर दिखाने का प्रयास हुआ है ।
फिल्म का निर्देशन दीपेन्द्र गौचन ने किया है । कम्बोडिया में रहनेवाले गौचन २२ साल के बाद नेपाल आकर इस फिल्म का निर्देशन किया है । गौचन का भी दावा है कि नेपाल में निर्माण हो रहे आम फिल्म की तुलना में ‘मिसिङः केटी हराएको सूचना’ विल्कुल अलग फिल्म है । फिल्म की लीड रोल में कलाकार नाजीर हुसेन और सृष्टि श्रेष्ठ हैं । इसके अलवा सञ्जय गुप्ता, रामनारायण ठाकुर, मदन ठाकुर, रिना रिमाल, कौसल्या ठाकुर, ललितादेवी मिश्र, रुपेश मण्डल, सुदीप पटेल, अनिल कुर्मी, मनोज शाह, अर्जुन पोखरेल, ओमप्रकाश कर्ण जैसे कलाकारों ने फिल्म में अभिनय किया है ।


