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२४वाँ अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन काठमांडू में सम्पन्न

 

काठमांडू, फागुन १० – २४ वाँ अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन, सृजन समारोह काठमांडू के क्रिस्टल पशुपति होटल में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व उप प्रधानमन्त्री तथा जसपा नेपाल के अध्यक्ष माननीय उपेन्द्र यादव थे । 
इसमे विशिष्ट अतिथि के रूपमे भीष्म उप्रेती तथा अतिथि के रूपमे डॉ सुनीता आचार्य, डॉ कृष्ण कुमार प्रजापति, डॉ मंगला रानी, श्री कृष्ण त्रिपाठी, श्री पुष्पज राय चमन तथा श्री प्रकाश प्रसाद उपाद्ध्याय थे । अध्यक्षता श्री अम्बिकादत्त ने की । डॉ सविता मोहन द्वारा स्वागत किया गया तथा विषय परिचय संस्था के मुख्य संयोजक डॉ जयप्रकाश मानस दिया।

हिन्दी सम्मेलन सृजन सामारोहं में भारत के १४ राज्यों से विद्वानों की सहभागिता थी । कार्यक्रम चार सत्रों में विभाजित था जो सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक चला ।
उद्घाटन सत्र में प्रमुख अतिथि श्री उपेन्द्र यादव ने २४ वाँ हिन्दी सम्मेलन की शुभकामना देते हुए कहा कि हिन्दी भाषा हम सबकी भाषा है । उन्होंने कहा कि नेपाल में जब राजा पृथ्वी नारायण शाह थे तो उनके लालमोहर भी हिन्दी में ही लिखा था । उन्होंने यह भी कहा कि भले ही हिन्दी को नेपाल में कानूनी स्थान नहीं मिला हो पर हिन्दी नेपाल की भी भाषा है । हिन्दी से नेपाली को कोई खतरा नहीं है बल्कि हिन्दी भाषा से नेपाली भाषा भी विकसित होती रही है ।
कार्यक्रम में उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल में पठन–पाठन से लेकर हरेक दिनचर्या में हिन्दी की महत्वपूर्ण योगदान है । कार्यक्रम में विभिन्न पुस्तकों के साथ– साथ हिमालिनी पत्रिका “बसन्त चौधरी विशेषांक“ का भी लोकार्पण किया गया ।

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कार्यक्रम के दूसरे सत्र में “ हाशिए के लोग और उनका साहित्य विषय पर विभिन्न विद्वानों द्वारा चर्चा परिचर्चा हुई । इसमे नेपाल और भारत कई विद्वानों अपना अपना मन्तव्य रखा । इसके अध्यक्ष मंडल में श्री प्रकाश प्रसाद उपाध्याय (नेपाल), मोसमी तिवारी नेपाल, श्री अम्बिकादत्त, डॉ दिलीप सिंह, डॉ मंजुलादास,  डॉ त्रैलोक्य नाथ त्रिपाठी डॉ सविता मोहन थे ।

इसी प्रकार तीसरे सत्र में साँस्कृतिक कार्यक्रम हुआ जिसमें विभिन्न प्रदेशों के लोकगीत तथा झाँकी प्रस्तुत की गई ।
इसी प्रकार कार्यक्रम के अन्तिम सत्र में लगभग २२ कवियों द्वारा काव्य पाठ सम्पन्न हुआ । इस अवसर पर  कार्यक्रम के आयोजक डॉ जयप्रकाश ’मानस’ को डॉ कृष्णचन्द्र मिश्र हिंदी सम्मान से सम्मानित किया गया जिसे पढ़कर कवयित्री अंशु झा ने सुनाया । हिमालिनी का परिचय कार्यकारी संपादक कंचना झा ने दिया । हिमालिनी के प्रबन्धक सच्चिदानन्द मिश्र ने सभी को हिमालिनी सम्मान से सम्मानित किया ।

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