Sat. Apr 25th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

जनकपुरधाम में १५ दिवसीय माध्यमिक परिक्रमा शुरू

 

काठमांडू, फागुन १५ – मिथिला माध्यमिक परिक्रमा शुरू हो गई है । गुरुवार को धनुषा के कौचरी में १५ दिवसीय ऐतिहासिक माध्यमिक परिक्रमा शुरू हुई । नेपाल और भारत के हजारों तीर्थयात्री १३३ किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं और १५ स्थानों पर विश्राम करते हैं । यात्रा के लिए आज धनुषा के मिथिला विहारी नगरपालिका वडा नम्बर ८ कौचरी स्थित मिथिला विहारी मन्दिर से झाँकी किर्तन सहित श्रद्धालुओं ने प्रस्थान किया है ।
मिथिला विहारी मन्दिर के महन्त रामनरेश शरण ने बताया कि कौचरी के मिथिला विहारी, जनकपुरधाम के सुन्दर सदन मन्दिर से किशोरी जी की और रामजानकी सहित जनकपुर के अन्य डोला हनुमानगढ़ी में होंगे ।
सुन्दर सदन के महन्त नबल किशोर दास ने बताया कि सभी तीर्थयात्री गुरुवार हनुमानगढ़ में जमा होकर १६ गते शुक्रवार की सुबह कल्याणेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे । १७ गते भारत के फुलहर स्थित गिरिजा स्थान में पहुँचकर परिक्रमा कर यात्री वहीं विश्राम करेंगे और १८ गते ऐतिहासिक स्थान महोत्तरी के मटिहानी पहुँचेंगे । इसी तरह १९ गते जलेश्वरनाथ महादेव स्थान में विश्राम कर २० गते मडै, २१ गते ध्रुवकुण्ड पहुँचकर विश्राम का कार्यक्रम है ।
२२ गते कञ्चनवन पहुँचेंगे । विहारी मन्दिरका महन्त रामनरेश शरण ने जानकारी दी कि ऐसा माना गया है कि त्रेतायुग में राम और सीता ने यहाँ होली खेली थी । इसी लोकमान्यता को देखते हुए तीर्थयात्री यहाँ होली महोत्सव मनाते हैं । २३ गते धनुषा के पर्वता अर्थात् क्षीरेश्वरनाथ महादेव स्थान में विश्राम करेंगे । २४ गते धनुषाधाम में धनुष मन्दिर में पहुँचकर विश्राम करेंगे । २५ गते सतोखर, २६ गते औरही और २७ गते पुनः भारत के बिहार स्थित करुणा स्थान में विश्राम तथा २८ गते बिसौल में पहुँचकर विधिवत् रूप मेंं मध्यमा परिक्रमा का समापन होता है । अन्तिम दिन जनकपुर नगर के पाँचकोस अन्तरगृह परिक्रमा कर इसे समाप्त किया जाता है । परिक्रमा में सहभागी श्रद्धालु परम्परागत गाजा बाजा, झाँकी किर्तन के साथ ही अन्य मौलिक पहिरन में सहभागी होते हैं । तीर्थयात्री नेपाल के धनुषा और महोत्तरी में १३ तथा भारत में २ जगह कुल मिलाकर १५ विश्रामस्थल में राति बास करते हैं ।
इस परिक्रमा के बारे में बताया गया है कि १८ वीं शताब्दी से ही यह यात्रा धार्मिक यात्रा माध्यमिकी परिक्रमा के रूप में मनाया जाता है । परम्परा है कि धार्मिक यात्रा १५ दिन के भीतर जनकपुर पहुँचेगी और फागु पूर्णिमा तिथि को होली खेलकर समाप्त होगी । ऐसी मान्यता है कि परिक्रमा में सहभागी होने से पाप नष्ट हो जाते हैं ।

यह भी पढें   कांग्रेस ने गृहमंत्री सुधन गुरुङ से इस्तीफे की मांग की

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed