स्वास्थ्य मन्त्रालय में सचिव नियुक्त करते वक्त मधेशी समुदाय की भावनाओं को आहत करने का काम हुआ हैः सांसद् सिंह

काठमांडू, ६ मार्च । स्वतंत्र सांसद डॉ. अमरेश कुमार सिंह ने कहा है कि स्वास्थ्य मन्त्रालय में सचिव नियुक्त करते वक्त सरकार ने संविधान को फाडने का काम किया और मधेशी समुदाय की भावनाओं को आहत करने का काम किया है । इसीलिए स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल के पद से इस्तीफे देने के लिए भी सिंह ने आग्रह किया है ।
आज बिहिबार को प्रतिनिधिसभा की आकस्मिक बैठक में बोलते हुए सांसद सिंह ने स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव की पदोन्नति में वरिष्ठता की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए मंत्री पौडेल से इस्तीफे की मांग की । उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव की नियुक्ति में संविधान का उल्लंघन किया है । सिंह ने कहा कि चूंकि उनका डॉ. संगीता मिश्र से कोई व्यक्तिगत परिचय नहीं है, इसलिए सिर्फ मधेसी समुदाय से होने के कारण उन्हें वरिष्ठता के बावजूद पदोन्नति नहीं दी गई । सांसद् सिंह का आरोप लगाया कि सरकार ने मधेशी समुदाय की भावनाओं को आहत करने का काम किया है ।
बुधवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय के सचिव के रूप में डॉ. विकास देवकोटा को नियुक्त करने का निर्णय लिया गया था । सचिव पद के लिए सिफारिश समिति ने डॉ. देवकोटा के अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय में १२वें स्तर पर कार्यरत डॉ. संगीता मिश्र और डॉ. टंक बाराकोटी के नाम भी सिफारिश किए किया था ।

