Wed. Sep 23rd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कुछ बड़ा करने वाले है ? : मुरली मनोहर तिवारी (सीपू)

 

मुरली मनोहर तिवारी (सीपू), बीरगंज । भारत के जेम्स बॉन्ड माने जाने वाले, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इन दिनों किस मिशन पर हैं ? वो अचानक से एक दिन दिल्ली से कोलकाता पहुंचते हैं, वहां बंगाल के खुफिया अधिकारियों को तलब करते हैं, नॉर्थ ईस्ट के अधिकारी भी बुलाए जाते हैं, और एक सीक्रेट मीटिंग करते है। बंद कमरे की बैठक में क्या-क्या बातें होती हैं, क्या-क्या आदेश दिए जाते हैं, इसकी कहानी अब एक हफ्ते बाद सामने आई, जिससे पश्चिम बंगाल और असम से जैश-ए-मोहम्मद और ABT के 19 खतरनाक गुर्गे पकड़े गए।

डोभाल हमेशा ग्राउंड पर जाकर हालात का जायजा लेते हैं। चाहे दिल्ली हो या कश्मीर, अब बंगाल, बलूचिस्तान पर नजर इसलिए है, अब ये साफ लग रहा है की पाकिस्तान, बांग्लादेश और पड़ोसी देश में कुछ बड़ा होने वाला है।

डोभाल की मीटिंग के बाद बंगाल में एक्शन शुरू हो चुका है, उन लोगों की तलाश की जा रही है, जो रहते भरत में हैं, पर काम पाकिस्तान और बांग्लादेश के लिए करते हैं, चाहे वो नोटों के तस्कर हों या फिर पाकिस्तान में बैठे आकाओं के साथी। जो भी  बॉर्डर से हिंदुस्तान की सरजमीं पर अवैध तरीके से कदम रखने की कोशिश कर रहा है, उससे बीएसएफ के जवान सख्ती से निपट रहे हैं।

यह भी पढें   सुनसरी के देवानगंज गाँवपालिका–१ मध्यहर्साइ में चली गोली एक घायल

डोभाल का दौरा सिर्फ सुरक्षा ही नहीं बल्कि वैश्विक सियासत से भी जुड़ा है। रोहिंग्या-बांग्लादेशियों को  पश्चिम बंगाल की ममता सरकार बढ़ाव दे रही है, ऐसे में डोभाल का वहां जाना, सीक्रेट मीटिंग करना और फिर कुछ जिलों पर खास ध्यान देने के आदेश देना, साफ इशारा करता है घुसपैठियों की कमर टूटने वाली है, उनके आकाओं को सजा होने वाली है।

इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल 16 मार्च को दिल्ली में होने जा रही दुनिया की जानी-मानी खुफिया एजेंसियों के प्रमुख की बैठक करेंगे। सम्मेलन में अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गब्बार्ड, कनाडा के स्पाई चीफ डैनियल रोजर्स और ब्रिटेन के MI6 के प्रमुख रिचर्ड मूर भी शामिल होंगे। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, न्यूजीलैंड के अलावा भारत के कुछ करीबी देशों के खुफिया प्रमुख भी जुटेंगे। तकरीबन 20 से अधिक देशों के इंटेलिजेंस और सिक्यॉरिटी ऑफिसर्स इसमे शामिल होंगे।

यह भी पढें   पुनर्स्थापना और पुनर्निर्माण के लिए अमेरिका देगा 31 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त सहायता

सम्मेलन का मकसद है खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान में बेहतर समन्वय, टेरर फंडिंग और डिजटल क्राइम जैसी चुनौतियों के निपटने के आधुनिक तौर-तरीकों पर चर्चा। एक तरह से ऐसा जबरदस्त नेटवर्क तैयार करना कि कोई भी खुफिया सूचना छूट न पाए। इस बैठक में खुफिया प्रमुखों के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी एशिया के संघर्षों के अलावा वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। डिजिटल स्पेस में अपराधों से निपटने के तरीकों पर भी चर्चा होने की संभावना है। एनएसए डोभाल सम्मेलन के दौरान कई प्रमुख देशों के अपने समकक्षों के साथ आमने-सामने की बैठक भी करेंगे।

यह भी पढें   ४३ जिलों के ३,००० से ज्यादा वार्डों में अधिवेशन संपन्न

अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गब्बार्ड, इस सम्मेलन में भाग लेने के बाद रायसीना डायलॉग को भी संबोधित करेंगी और एनएसए अजीत डोभाल के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगी। भारतीय डेलीगेशन के साथ बैठकों में तुलसी गबार्ड इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा कर सकती हैं।

कनाडा की सुरक्षा खुफिया सेवा के प्रमुख रोजर्स का भारत दौरा काफी अहम है। उनके और एनएसए डोभाल के बीच बातचीत भारत-कनाडा रिश्ते के भविष्य की दिशा का संकेत देने वाली हो सकती है।

मुरली मनोहर तिवारी (सीपू)

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com