दुनिया के सबसे खरतनाक आतंवादी, “अबू खदीजा” मारा गया : मुरली मनोहर तिवारी (सीपू)
मुरली मनोहर तिवारी (सीपू), बीरगंज । दुनिया के सबसे खरतनाक आतंवादी कहे जाने वाले इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के नेता अब्दुल्ला मक्की मुस्लीह अल-रुफई, जिसे अबू खदीजा के नाम से भी जाना जाता है, की इराक में हत्या हो गई । अब्दल्लाह मक्की मोस्लेह अल-रिफाई, या “अबू खदीजा,” आतंकवादी समूह का “उप खलीफा” था और इराक और दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादियों में से एक था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर CENTCOM ने खुलासा किया कि अबू खदीजा इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट का कमांडर था । 2023 में अमेरिका ने उस पर बैन लगा दिया था। इसके बाद इराकी बलों और अमेरिकी बलों ने साथ मिलकर ये सैन्य अभियान चलाया और अंबर प्रांत में खदीजा पर सटीक हवाई हमला किया। यूएस सेंट्रल कमांड ने एक्स पर उसके ऊपर हुए हमले का एक वीडियो भी पोस्ट किया । दोनों के शवों के पर बिना फटी आत्मघाती जैकेट रखी थी । इसके बाद उनका डीएनए मैच किया गया, जिसके बाद अबू खदीजा की पहचान की पुष्टि हो गई।
CENTCOM ने कहा कि ISIS के शीर्ष निर्णय लेने वाले निकाय के अमीर के रूप में, अबू खदीजा ने ISIS द्वारा वैश्विक स्तर पर किए जाने वाले संचालन, रसद और नियोजन की जिम्मेदारी संभाली और समूह के वैश्विक संगठन के लिए वित्त का एक महत्वपूर्ण हिस्सा निर्देशित किया।
यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर जनरल माइकल एरिक कुरिल्ला ने एक बयान में कहा, “अबू खदीजा पूरे वैश्विक ISIS संगठन में सबसे महत्वपूर्ण ISIS सदस्यों में से एक था। हम आतंकवादियों को मारना और उनके संगठनों को खत्म करना जारी रखेंगे जो हमारी मातृभूमि और क्षेत्र और उससे परे अमेरिका, सहयोगी और साझेदार कर्मियों को खतरा पहुंचाते हैं।”
इराक के प्रधानमंत्री मंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने भी अबू खदीजा की मौत को लेकर एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, “उसे (खदीजा) इराक और दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादियों में से एक माना जाता था। हम इराक, इराकी लोगों और सभी शांतिप्रिय देशों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई देते हैं।
सोशल मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अबू खदीजा को इराकी सरकार और कुर्द क्षेत्रीय सरकार के साथ समन्वित ऑपरेशन में मार गिराया गया। उन्होंने लिखा, “हमारे साहसी युद्ध-योद्धाओं ने लगातार उसका पीछा किया। इराकी सरकार और कुर्द क्षेत्रीय सरकार के साथ समन्वय में, आईएसआईएस के एक अन्य सदस्य के साथ-साथ उसके दयनीय जीवन को समाप्त कर दिया गया। शक्ति के माध्यम से शांति!”
ये ऑपरेशन ऐसे वक्त हुआ जब इराकी अधिकारी, बशर अल-असद के मारे जाने के बाद सीरिया में आईएस के उभार पर चिंता जता रहे थे । एक समय इराक और सीरिया के बड़े हिस्से को अपने कब्जे में करने वाला आईएसआईएस अब दोबारा संगठित होने का प्रयास कर रहा था। साल 2014 में अबू बक्र अल-बगदादी ने इराक और सीरिया के बड़े भाग में खिलाफत की घोषणा की थी। लेकिन साल 2019 में वह अमेरिकी सेना के ऑपरेशन में मारा गया। इसके बाद इस संगठन का पतन शुरु हो गया। कुछ समय से इराकी अधिकारी सीरिया में आईएस की बढ़ती पावर से चिंता में थे । विशेषज्ञों का मानना है कि सीरिया में जारी उथल-पुथल इस आतंकी समूह को दोबारा उभरने का मौका दे सकती है।


