सुरेश को ‘गोली लगी’ कहकर भ्रम फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी
काठमांडू, 30 मार्च 2025 – जिला पुलिस परिसर, काठमांडू ने तीनकुने घटना में मृत पत्रकार सुरेश रजक को ‘गोली लगी’ कहकर झूठी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को राजावादी प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और आगजनी में एभिन्यूज के पत्रकार सुरेश रजक की मृत्यु हो गई थी।
पुलिस प्रवक्ता अपील राज बोहरा ने कहा कि सोशल मीडिया पर ‘गोली लगने से मौत’ की अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों या संगठनों पर कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा, “इस घटना की गंभीर जांच जारी है, लेकिन जब तक पोस्टमार्टम नहीं हो जाता, इस तरह की गलत जानकारी फैलाना गैर-जिम्मेदाराना है।”
पुलिस ने जनता से अनुरोध किया है कि बिना सत्यता जाने इस प्रकार की भ्रामक खबरें न फैलाएं, क्योंकि इससे जांच में बाधा आ सकती है।
15 मार्च को ‘राष्ट्र, राष्ट्रीयता, धर्म, संस्कृति और नागरिक बचाओ महाअभियान नेपाल’ के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान तीनकुने में एक घर में आग लगने से सुरेश रजक की मृत्यु हुई, पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है।
हालांकि, कुछ समूहों ने दावा किया कि पुलिस की गोली लगने से उनकी मौत हुई, जिसके बाद पुलिस ने इस पर सख्त रुख अपनाया है।
इसी बीच, सुरेश के भाई रमेश रजक ने बताया कि अभी तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। सुरेश का शव टिचिंग अस्पताल, महाराजगंज में रखा गया है।
इस मामले में पुलिस अभी भी विस्तृत जांच कर रही है।


