पत्रकार सुरेश रजक के शव का एक्स-रे करने के बाद ही पोस्टमार्टम करने की डॉक्टरों की जिद
काठमांडू। तीनकुने में हुए प्रदर्शन के दौरान जलकर मृत पाए गए पत्रकार सुरेश रजक के पोस्टमार्टम में देरी हो रही है।
त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल के डॉक्टरों ने उनके शरीर का पोर्टेबल एक्स-रे करने के बाद ही पोस्टमार्टम करने की शर्त रखी है।
रजक के परिवार द्वारा घटना की जांच के लिए शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने अस्पताल प्रशासन से उनके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अनुरोध किया। लेकिन, उनके गोली लगने की अफवाह फैलने के कारण डॉक्टरों ने पहले एक्स-रे करने की मांग की है।
जिला पुलिस कार्यालय, काठमांडू के एक अधिकारी के अनुसार, त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन उपलब्ध नहीं है और इसे अन्यत्र खोजा जा रहा है।
पत्रकार सुरेश रजक की मृत्यु 15 मार्च को समाचार संकलन के दौरान हुई थी। वह एक जले हुए घर में मृत पाए गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें गोली नहीं लगी थी, लेकिन सोशल मीडिया पर उनके गोली लगने की अफवाह फैलाई गई।
प्रसाई के नेतृत्व वाले ‘राष्ट्र, राष्ट्रीयता, धर्म, संस्कृति और नागरिक बचाव महाअभियान’ तथा नवराज सुवेदी के नेतृत्व वाले ‘राजशाही पुनर्स्थापना के लिए संयुक्त जनआंदोलन समिति’ द्वारा आयोजित प्रदर्शन में कई लोगों के गोली लगने की आशंका व्यक्त की जा रही है। हालांकि, वहां कितनी गोलियां चलीं, इस बारे में पुलिस के पास अभी तक कोई ठोस आंकड़ा नहीं है।
काठमांडू जिला पुलिस कार्यालय के एसपी अपिल बोहरा ने कहा, “हम खर्च हुई गोलियों का विवरण एकत्र कर रहे हैं।”


