थ्री गर्जेज के साथ समझौता संशोधन की आवश्यकता
काठमांडू। पश्चिम सेती जलविद्युत अयोजना निमार्ण के लिए चिन की थ्री गर्जेज कम्पनी के साथ तकरीबन तिन साल पहले हुर्इ समझदारी संशोधन करने पर जोर दिया गया है।
कृषि तथा जलस्रोत समिति के सभापति गगन थापा की अध्यक्षता मे मंगलवार को हुर्इ बैठक मे उन्होने तत्कालीन अवस्था मे हुर्इ समझदारी पत्र की परिवर्तित समयअनुसार संशोधन की जरुरत है बताया आयोजनामे २५ प्रतिशत लगानी सरकार की ओर से मानने की सर्त भी नामजुंर कर दिया।
जलस्रोत के विकास से देश की समृद्धि के आधार पर राष्ट्रीय हितों को केंद्रित करके आयोजना आगे बढ़ने पर बल दिया । उनहोने कहा कि देश की सन्तुलित विकास के लिए पश्चिम सेती अपरिहार्य है ।
सुदूर पश्चिमाञ्चल के सभासदो ने कहा कि सरकार की उपेक्षा से आयोजना आगे नहीं बढ़ा है । उनहोने कहा कि स्वदेशी पूंजी में और भी परियोजना निर्माण करना चाहिए ।
भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, पुनर्वासन, ५०० किलोमिटर प्रसारण लाइन निर्माण आयोजना के संबंधित सभी विषय परियोजना विकास सम्झौता (पिडिए) से पहले स्पष्ट करने की आवश्यकता पर बल दिया गया ।
समिति ने परियोजना को निर्वाधरुप से आगे बढाने के लिये लगानी बोर्ड नेपाल, ऊर्जा मन्त्रालय और अन्य संबंधित निकाय को निर्देशन दिया है।
इससे पहले बैठक मे ऊर्जा मन्त्री राधादेवी ज्ञवाली ने कहा कि ऊर्जा विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है । उन्होने कहा कि थ्री गर्जेज से हुये समझदारी के अच्छा विषय अपनाई जायेगी और त्रुटि भी सुधारि जायेगी ।
मन्त्री ज्ञवाली ने थ्री गर्जेज के अध्यक्ष की हाल ही में हुये नेपाल भ्रमण और उनके नेतृत्व हुर्इ चिनियाँ प्रतिनिधिमंडल के साथ हुर्इ वार्ता के बारे में समिति को सूचित किया । उन्होंने नेपाल के लिए चिनियाँ राजदूत के माध्यम से कंपनी के सम्बद्धित अधिकारी को नेपाल की जरूरत और इच्छा के बारे जानकारी कराने की बी बात कही।

