पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह ने राष्ट्र बचाने की अपील की, नए साल पर जारी किया वीडियो संदेश

काठमांडू, 31 मार्च 2081 (13 अप्रैल 2025): नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह ने रविवार को नए साल 2082 के अवसर पर एक वीडियो संदेश जारी कर पिछले फाल्गुन में प्रजातंत्र दिवस के मौके पर दी गई अपनी अभिव्यक्ति को स्पष्ट और सुधार किया। इस संदेश में उन्होंने देश की समृद्धि, राष्ट्रीय एकता और जनता की स्वतंत्रता को प्राथमिकता देते हुए सभी समस्याओं का समाधान संवाद, समन्वय, सहमति और सहयोग के माध्यम से करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जनता की स्वाधीनता और समृद्धि के लिए आह्वान
पूर्व राजा ने अपने संदेश में कहा, “हमारा आह्वान किसी निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए नहीं है, न ही यह किसी सैद्धांतिक विचारधारा या वाद से प्रेरित है। यह समग्र नेपाली जनता की स्वाधीनता, संप्रभुता और नेपाल की सुखमय प्रतिष्ठा के लिए है।” उन्होंने वास्तविक लोकतंत्र की परिभाषा को रेखांकित करते हुए कहा कि सच्चा लोकतंत्र वही है, जहां जनता की शिकायतों को सुना जाए और उनकी आवाज को महत्व दिया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्व बहुत आगे बढ़ चुका है और अब नेपाल को केंद्र में रखकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। पूर्व राजा ने देशवासियों से अपील की कि वे राष्ट्र की समृद्धि और उन्नति के लिए एकजुट होकर उनके साथ कदम मिलाएं।
प्रजातंत्र दिवस की अभिव्यक्ति में सुधार
इससे पहले फाल्गुन में प्रजातंत्र दिवस के अवसर पर पूर्व राजा ने एक वीडियो संदेश जारी कर देशवासियों से देश की समृद्धि और प्रगति के लिए साथ देने की अपील की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि नागरिक स्वतंत्रता से बड़ा कोई तंत्र या वाद नहीं होता। उन्होंने नेपाली जनता में देश और भविष्य को लेकर बढ़ती जागरूकता को सकारात्मक बताया था और उम्मीद जताई थी कि 2082 में इस जागरूकता के अनुरूप परिणाम देखने को मिलेंगे।
उस संदेश में उन्होंने यह भी कहा था कि राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के लिए वे पहले भी त्याग कर चुके हैं और अब भी राष्ट्र को बचाने व राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए किसी भी तरह का त्याग करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा था, “हमने पहले भी राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के लिए त्याग किया था। अब नेपाल की उन्नति के लिए हमसे और क्या-क्या त्याग करना पड़े, हम इसके लिए तैयार हैं।”
राष्ट्र बचाने की अपील
अपने नए संदेश में भी पूर्व राजा ने राष्ट्र को बचाने और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने की बात दोहराई। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे राष्ट्र की समृद्धि और प्रगति के लिए एकजुट होकर उनके साथ कदम मिलाएं। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है। यदि हमें राष्ट्र को बचाना है और राष्ट्रीय एकता को कायम रखना है, तो सभी देशवासियों को साथ मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने पृथ्वीनारायण शाह के मूलमंत्र के साथ संवैधानिक राजतन्त्र को भी याद दिलाया ।
जनता में जागरूकता को सकारात्मक माना
पूर्व राजा ने अपने संदेश में नेपाली जनता में देश और भविष्य को लेकर बढ़ती जागरूकता को एक बार फिर सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि यह जागरूकता 2082 में सकारात्मक परिणाम लाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि नेपाल को विश्व में एक सम्मानित स्थान दिलाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
10 मिनट 27 सेकंड का संदेश
पूर्व राजा का यह वीडियो संदेश 10 मिनट 27 सेकंड का है, जिसमें उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति, जनता की अपेक्षाओं और भविष्य के लिए अपने विचार साझा किए। इस संदेश में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी बातें किसी व्यक्तिगत लाभ या सैद्धांतिक जिद के लिए नहीं, बल्कि नेपाल और नेपाली जनता के हित में हैं।
निष्कर्ष
पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह का यह संदेश नेपाल के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में चर्चा का विषय बन सकता है। उनकी अपील और राष्ट्रीय एकता पर जोर ने एक बार फिर देशवासियों को यह सोचने पर मजबूर किया है कि नेपाल को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है।


