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व्यवस्था तब खतरें में आती है जब शासन करने वालों से जनता तंग आ जाती है – गोविन्दराज पोखरेल

 

काठमांडू, बैशाख ६– नेपाली कांग्रेस के नेता ड‘ा. गोविन्दराज पोखरेल ने कहा है कि पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र शाह के कारण वर्तमान संघीय शासन प्रणाली में किसी तरह का कोई खतरा नहीं है । उन्होंने कहा कि नेताओं के शासन शैली के कारण व्यवस्था पर संकट आया है ।
उन्होंने कहा है कि – हमें केवल अपने ही कार्यों से खतरा है । हमने जो विकास किया है उससे कोई खतरा नहीं है। यह व्यवस्था खतरे में है, क्योंकि हमने गलत शासन शैली अपना ली है, और विकास का प्रबंधन करना नहीं जानते ।
उन्होंने कहा कि –“जब लोग शासन करने वालों से तंग आ जाते हैं तो व्यवस्था खतरे में पड़ जाती है ।“ राजतंत्र को क्यों उखाड़ फेंका गया? राजा ने सत्ता संभाली, लेकिन लोगों को यह पसंद नहीं आया और उन्होंने उसे बाहर निकाल दिया। जब शासक ऐसी शैली नहीं अपनाता जो लोगों के हित में हो, अहंकारी हो तथा ऐसे कार्य करता हो जैसे वह स्वयं राज्य है, तो व्यवस्था खतरे में पड़ जाती है।
‘व्यवस्था तब खतरें में आती है जब शासन करने वालों से जनता तंग आ जाती है । राजतंत्र को क्यों उखाड फेंका गया ? राजा ने शासन अपने हाथ में लिया लेकिन जनता को पसंद नहीं आया तो उखाड़ फेंका । जब शासक जनता के हित में काम करने की शैली को नहीं अपनाते है, जो दंभ को अपनाते हैं जो सोचते हैं कि हम ही राज्य हैं हम ही सरकार हैं । जब इस शैली को अपनाया जाता हैं तब व्यवस्था खतरें में आ जाती है ।’
उन्होंने कहा कि ‘जहाँ तक परम्परा की बात है, भारत में गणतन्त्र आए ७८ वर्ष हो चुके हैैं लेकिन जयपुर, ग्वालियर आदि जगहों में पुराने राजा और उनके खानदान को महाराज, प्रिन्स कहने का प्रचलन है, जबकि कानूनी रुप में उनकी कोई हैसियत नहीं है ।’

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