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पाेखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा निर्माण, नेपाल पर चीन का कर्ज-जाल

 

काठमांडू

पोखरा में करोड़ों डॉलर की लागत से बने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में चीन ने नेपाल काे अच्छे से फसाया है । हवाई अड्डे की सरकारी जांच में पाया गया है कि चीनी सरकारी कंपनी ने इसके निर्माण में घटिया उपकरणों का इस्तेमाल किया और मानकों के अनुसार पूरा नहीं किया। प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए चीनी कंपनी ने नेपाल में अधिकारियों और सांसदों को रिश्वत दी। यही नहीं, इसने उन कामों के लिए भी मंजूरी हासिल कर ली, जो उसने कभी किया ही नहीं। पोखरा हवाई अड्डे को लेकर संसदीय समिति की गुरुवार को जारी 36 पेज की जांच रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई है।
संसदीय समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की सरकारी कंपनी CAMC इंजीनियरिंग ने परियोजना को निर्देश के अनुसार पूरा नहीं किया और खराब गुणवत्ता वाले निर्माण का उपयोग किया। इसके पहले न्यूयॉर्क टाइम्स साल 2023 में अपनी रिपोर्ट में बताया था कि सीएएमसी ने परियोजना की लागत बढ़ा दी थी और अपने स्वयं के व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता देते हुए गुणवत्ता नियंत्रण बनाए रखने के नेपाल के प्रयासों को कमजोर कर दिया था। इसके तुरंत बाद, 11 सदस्यीय संसदीय समिति ने हवाई अड्डे के निर्माण की जांच शुरू कर दी।

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पर्यटन स्थल पोखरा में बना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नेपाल के लिए सर दर्द साबित हाे रहा है।  उम्मीद थी कि पोखरा हवाई अड्डा पर्यटन को बढ़ावा देगा और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आकर्षित करेगा, लेकिन अब तक इस दिशा में नाकामी ही मिली है। पोखरा के लिए सप्ताह में केवल एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान है। भारत ने पोखरा के लिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय मार्ग को मंजूरी नहीं दी है। हवाई अड्डे का निर्माण चीन के निर्यात-आयात बैंक से 20 साल के कर्ज के साथ किया गया था।

बताया जा रहा है कि चीन ने पोखरा हवाई अड्डे के कर्ज के लिए पहले जो ब्याज दर रखी थी, उसे अब बढ़ा दिया है। इस तरह नेपाल पर चीन अपना शिकंजा बढ़ा रहा है। कर्ज जाल में फंसने के बाद केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट सरकार ने बीजिंग से औपचारिक रूप से अनुरोध किया कि वह 21.6 करोड़ डॉलर के हवाई अड्डे के कर्ज को अनुदान में बदल दे।

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संसदीय समिति की रिपोर्ट में पाया गया कि CAMC रनवे पर खुदाई, फिर से भरने और बजरी जोड़ने के साथ ही हवाई अड्डे के अन्य प्रमुख घटकों को पूरा करने में विफल रहा, जबकि अनुबंध में ऐसा करने की आवश्यकता थी। इसने यह भी पाया कि निर्माण फर्म को परियोजना के उन पहलुओं के लिए भुगतान प्राप्त हुआ था जिसे कभी बनाया ही नहीं गया। इसमें ईंधन आपूर्ति सुविधा और हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग सिस्टम शामिल हैं। कुछ मामलों में नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण को उन वस्तुओं के लिए भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया था जिन्हें CAMC वादे के अनुसार पूरा करने में विफल रहा।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नेपाली अधिकारियों ने CAMC के लिए 16 मिलियन डॉलर का कर माफ कर दिया, जबकि अनुबंध में कहा गया था कि कंपनी चीन से आयातित उपकरणों पर सीमा शुल्क और मूल्य वर्धित कर (VAT) का भुगतान करने के लिए बाध्य थी। अनुबंध में टेकऑफ और लैंडिंग के लिए दो रनवे की बात कही गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि हवाई अड्डे पर प्रभावी रूप से केवल एक ही ऑपरेटिंग रनवे है, क्योंकि दूसरा रनवे सुरक्षा कारणों से बंद है। जांच का नेतृत्व करने वाले राजेंद्र लिंगडेन ने कहा, ‘यह भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला है। इस घोटाले में शामिल भ्रष्ट नौकरशाहों और राजनेताओं को दंडित किया जाना चाहिए।’ संसदीय समिति ने हवाई अड्डे के निर्माण से संबंधित दस्तावेजों को नष्ट करने के जोखिम का हवाला देते हुए विमानन एजेंसी के शीर्ष अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की। इसमें इसके वर्तमान महानिदेशक भी शामिल हैं।

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