रवी लामिछाने काे हिरासत में रखने का फैसला बरकरार
सर्वोच्च अदालत राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व गृह मंत्री रबी लामिछाने को हिरासत में रखने के हाईकोर्ट की बुटवल बेंच के आदेश को बरकरार रखा है।
न्यायाधीश डॉ. नहकुल सुबेदी और बाल कृष्ण ढकाल की पीठ ने लामिछाने की पत्नी निकिता पौडेल द्वारा दायर हिरासत में पूछताछ की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनकी रिहाई की मांग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद, रवि तब तक हिरासत में रहेंगे जब तक कि रूपन्देही जिला न्यायालय द्वारा सुप्रीम कोऑपरेटिव धोखाधड़ी मामले का निपटारा नहीं हो जाता। वह जेल से तभी रिहा होंगे जब जिला अदालत उसे बरी कर देगी, लेकिन तब तक उन्हें अन्य आरोपों से भी मुक्त हाेना हाेगा।
सुप्रीम कोऑपरेटिव से संबंधित धोखाधड़ी के एक मामले में उच्च न्यायालय की बुटवल पीठ द्वारा जारी आदेश के बाद लामिछाने को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उच्च न्यायालय ने रूपन्देही जिला न्यायालय के आदेश को पलट दिया और रवि को हिरासत में भेज दिया।
लामिछाने ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि उन्हें अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। इसके अलावा, उन्होंने एक अन्य याचिका दायर कर उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द करने की मांग की थी।

