सभामुख को विपक्षी दलों को जवाबः संसद् संचालन के लिए गृह मंत्री का इस्तीफा ही बॉटमलाइन है
काठमांडू, ३० मई । प्रमुख प्रतिपक्षी दलों का कहना है कि संसद् को सुचारु करने के लिए गृह मंत्री रमेश लेख का इस्तीफा ही बॉटमलाइन है । उन लोगों का कहना है कि गृह मंत्री लेखक विजिट वीजÞा प्रकरण में संलिप्त हैं, उनके ऊपर अनुसंधान अपरिहार्य है ।
प्रतिनिधिसभा में जारी अवरोध हटाने को लेकर सभामुख देवराज घिमिरे ने दलों के प्रमुख सचेतकों के साथ आज शुक्रबार को वार्ता की थी । उस बातचीत में विपक्षी दलों के प्रमुख सचेतकों ने दोहराया कि गृह मंत्री के इस्तीफे के बिना संसद का अवरोध नहीं हटेगा । प्रमुख विपक्षी दल नेकपा (माओवादी केंद्र) के प्रमुख सचेतक हितराज पांडे ने बताया कि उन्होंने सिर्फ बजट पेश होने देने के लिए अवरोध हटाया था और आगामी बैठक में अवरोध फिर से जारी रहेगा ।
सचेतक पांडे ने कहा है– ‘देश, जनता और संविधान–विरोधी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए हमने कल अवरोध हटाया था । हमारा रुख अब भी वही है । यह मामला मानव तस्करी और भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है । हमने कहा है कि जब तक सुधार नहीं होता, हम अपने रुख से पीछे नहीं हटेंगे ।’
इसी तरह, विपक्षी दल राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के प्रमुख सचेतक सन्तोष परियार ने कहा कि गृह मंत्री का नाम जिस घटना से जुड़ा है, वह मानव तस्करी से संबंधित है, इसलिए इस्तीफे के बिना संसद नहीं चलने दी जाएगी । परियार के अनुसार, इस विषय में प्रधानमंत्री को गृह मंत्री से इस्तीफा दिलाकर जवाब देना चाहिए और एक उच्चस्तरीय जाँच आयोग गठन करना चाहिए ।
उधर, गृह मंत्री लेखक पहले ही इस मुद्दे को राजनीतिक पूर्वाग्रह से प्रेरित बताकर खारिज कर चुके हैं ।

