राप्रपा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविन्द्र मिश्र तीन लाख रुपये की जमानत पर रिहा
काठमांडू। ।राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविन्द्र मिश्र तीन लाख रुपये की जमानत पर रिहा हो गए हैं। यह जमानत उनकी पत्नी सारिका कार्की ने जमा की थी।
तीनकुने घटना में प्रतिवादी बनाए गए मिश्र मंगलवार सुबह स्वयं अदालत में उपस्थित हुए थे। उनकी उपस्थिति के बाद उसी दिन बयान और थुनछेक (जमानत) बहस हुई। काठमांडू अदालत की न्यायाधीश तारादेवी महर्जन की इजलास ने उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
मिश्र की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोविन्द बन्दी, भीमार्जुन आचार्य, राजु बस्नेत और सतीशकृष्ण खरेल ने बहस की। रिहा होने के बाद मिश्र ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “राज्य ने अन्याय किया, लेकिन अदालत ने न्याय दिया।” उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की ओर से उन्हें दोषी ठहराने के लिए विभिन्न आरोप लगाना दुःखद है।
मिश्र पर राज्यविरुद्ध अपराध, आपराधिक उपद्रव, संगठित अपराध और एकीकृत अपराध से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इससे पहले सोमवार को राप्रपा के महामंत्री धवल शमशेर राणा को भी तीन लाख रुपये की जमानत पर रिहा किया गया था। दोनों नेताओं को गत चैत्र १५ (27 मार्च) को काठमांडू के तीनकुने क्षेत्र में अवांछित गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
उसी घटना में संलिप्त दुर्गा प्रसाई को हालांकि अदालत ने पुर्पक्ष (न्यायिक हिरासत) के लिए जेल भेजने का आदेश दिया है।


