ईरान ने कतर में मौजूद अमेरिकी आर्मी बेस पर 6 मिसाइलें दागी
24 जून
अमेरिका की ओर से रविवार को किए गए हमले के बाद से मिडिल ईस्ट में तनाव है. सोमवार को भी इजरायल और ईरान ने एक दूसरे पर हमला बोला. राजधानी तेहरान के दक्षिण-पूर्व में स्थित पारचिन मिलिट्री कॉम्प्लेक्स पर इजरायली सेना ने सीधा और जबरदस्त हमला किया. ईरान समर्थित मीडिया ‘नूर न्यूज’ ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि तेहरान और करज जैसे बड़े शहरों में वायु रक्षा प्रणालियों ने कई हमलों को रोकने की कोशिश की. इजरायल के भी कई इलाकों में सायरन की आवाज सुनाई दी. ईरान के परमाणु स्थलों को निशाना बनाने वाला यह हमला न सिर्फ सैन्य बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी ‘भूकंप’ की तरह महसूस किया गया. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘ईरान में परमाणु स्थलों को हुए नुकसान को ‘बहुत बड़ा’ बताया जा रहा है. हमले बहुत ही सटीक और जोरदार थे. हमारी सेना ने बहुत ही शानदार कौशल दिखाया.’ ट्रंप की यह टिप्पणी तब आई जब अमेरिका के B-2 बॉम्बर्स हमले के बाद अपने देश लौट चुके थे. हालांकि मामला सिर्फ इजरायल और ईरान तक सीमित नहीं रहा. NBC की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कुछ दिन पहले ही ट्रंप को धमकी दी थी कि अगर परमाणु ठिकानों पर हमला हुआ तो अमेरिका के भीतर मौजूद ‘स्लीपर सेल्स’ को सक्रिय कर हमला किया जा सकता है. अब जब हमला हो चुका है, तो डर है कि ईरान समर्थित आतंकी समूह अमेरिका और यूरोप में बदले की कार्रवाई कर सकते हैं. इस बीच रूसी राष्ट्रपति पुतिन की ओर से ईरान को समर्थन की बात सामने आई है, जिस पर अमेरिका भड़क गया है. अमेरिका ने कहा कि पुतिन अब ईरान की डिप्लोमेसी में दिलचस्पी ले रहे हैं. इस बीच ट्रंप ने कहा है कि तेल की कीमतें न बढ़ने दें. दुश्मन देश के हाथ मजबूत न करें


