नेपाल का हैनीमैन डॉ.उपेन्द्र साह, जिन्होंने कैंसर, सहित अन्य असाध्यरोग को ठीक किया

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर
नेपाल के हैनीमैन नाम से प्रसिद्ध होम्योपैथ चिकित्सक डॉ.उपेन्द्र साह कैंसर, किडनी फेलियर, डायबिटीज,ब्लड प्रेशर सहित कई बीमारियों को इलाज कर सैकड़ों रोगियों को नया जीवन दान दिया है। कैंसर से अंतिम सांस गिन रहे पुष्पेन्द्र यादव हो या किडनी फेलियर से जूड़ रही मुनिया थारु जिसकी बचने की कोई उम्मीद नहीं थी। सबों को होम्योपैथी इलाज से चंगा कर मौत से बचा लिया। अभी तक सैकड़ों कैंसर, किडनी फेलियर, डायबिटीज,ब्लड प्रेशर जैसे असाध्य बीमारी से ग्रसित रोगी को उन्होंने ठीक किया है। इसलिए नेपाल के लोग इसे हैनीमैन की संज्ञा दिए हैं। इसके अलावा कुछ बर्ष पहले बिहार मधुबनी के ललमनियां गांव के जगन्नाथ दास को गर्दन में फंसे गोली को हैम्योपैथी दवा से गलाकर गर्दन को सही किया। अज्ञात अपराधी मारने की नीयत से गोली मारी। गोली उसके गर्दन में टक गया। दरभंगा में सरकारी अस्पताल में इलाज से बच तो गया। लेकिन वे गर्दन हिला नहीं सकते थे।एम्स दिल्ली के डाक्टरों की टीम ने आपरेशन नहीं किया। डाक्टरों को कहना था कि अगर आपरेशन किया गया तो वह बच नहीं सकता है। जगन्नाथ दास ने डॉ.उपेन्द्र साह से संपर्क किया। डॉ.साह ने होम्योपैथदवा से महज़ एक दिन में चंगा कर दिया। जगन्नाथ दास को ठीक होने से इसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो गया। डॉ . उपेन्द्र साह कई ड्राप्सी तथा एड्स मरीज को भी सही किया है।डॉ.उपेन्द्र साह कैंसर के फोर्ज स्टेज की रोगी तथा किडनी फेलियर रोगी जिसे डायलिसिस कराना पड़ता था।उसे ही ठीक किया है। डॉ.उपेन्द्र साह का कहना है कैंसर की लक्षण पता हो ऐसे रोगी शत प्रतिशत एक महीने में ठीक हो सकता है। किडनी रोगी जिसका क्रिटाइन सामान्य से अधिक है वह जल्दी ठीक हो जाता है।
सामान्य कद काठी के डा.उपेन्द्र साह 24घंटो में 12घंटे शोध पर समय देते हैं। जनकपुरधाम के वार्ड 23वेला में क्लीनिक में नेपाल तथा भारत के बिहार ,यू.पी.दिल्ली सहित अन्य राज्यों से कैंसर, किडनी फेलियर रोगी इलाज तथा परामर्श के लिए आते ही रहते हैं। डॉ.उपेन्द्र साह का कहना है कि होम्योपैथ में सभी बीमारी का इलाज संभव है बशर्ते रोगी का सभी सिम्टम्स मिल जाए। रोगी को धैर्य की आवश्यकता है क्योंकि दवा धीरे-धीरे काम करता है लेकिन बीमारी को जड़ से खत्म करता है। दवा भी अच्छी कंपनी का हो। डॉ.उपेन्द्र साह इस उपलब्धि के लिए कई संस्थाएं सम्मानित कर चुकी हैं।


