देशप्रेम : ‘बाल कविता’ प्रतियोगिता
हिमालिनी ज्ञानकुंज
‘बाल कविता’ प्रतियोगिता
देशप्रेम
मानस पोद्दार कक्षा– १० डीएवी विद्यालय, जावलाखेल, ललितपुर
सादा जीवन उच्च विचार
और लोग यहॉं के भोले हैं,
गीता, वेद, उपनिषदों ने जहाँ
राज ब्रह्मांड के खोले हैं ।
अरे१ यह देश कितना महान है
यह कहने वाला मैं कौन हूँ रु
सरहद पर जवानों के कारण आज भी
चादर तान के सोता हूँ ।
हर भाषा में प्रेम बसा है
हर दिल में आज तिरंगा है
किसी कोने में यमुना है
तो किसी कोने में गंगा है ।
वीरों की यह माटी है
शहादत की हैं यहाँ गाथाएँ
चेतक की सुन हिनहिन, राणा की
तलवार चमकने लग जाती है
आओ लगाकर दहाड़ सिंह की
इस सोच को आगे बढ़ाते हैं
देश के लिए लड़ जाते हैं
हम देश के लिए मिट जाते हैं ।

कक्षा– १०
डीएवी विद्यालय, जावलाखेल, ललितपुर

