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महाभूकम्प में ४८०० (५५.०२ प्रतिशत) महिलाएं की मृत्यु : शेख चांदतारा

 

ctकबिता दास , जुन ४, काठमांडू। महाभूकम्प से जो नेपाल के विभिन्न जिलों मे तबाही मचाई है इससे सबसे ज्यादा महिला, बच्चे, वृद्धा, आपाङ्ग को ज्यादा असर पड़ा है । इसी के तहत राष्ट्रीय महिला आयोग से महाभूकम्प पश्चात महिला तथा बालबच्चों की अवस्था और मानविय सहयोग के लैगिंक दृष्टिकोण से किया गया प्रथम चरण के अनुगमन सम्बन्ध में आज राष्ट्रीय महिला आयोग नें पत्रकार सम्मेलन कर के जानकारी कराया ।
महिला आयोग की अध्यक्ष शेख चांद तारा की अध्यक्षता में हुई इस पत्रकार सम्मेलन में उन्होने जानकारी दी कि  बैशाख १२ गते और २९ गते को जो महाभूकम्प आया था उस से करिब ८,६९७ लोगों की मृत्यु हुइ थी  जिस में से ४,८०० (५५.०२प्रतिशत) महिलायें थी । इसी को मध्यनजर रखते हुए महिला अधिकार अनुगमन, राष्ट्रीय सञ्जाल के साथ बातबिचार करके अनुगमन चेक लिस्ट तयार किया गया और भूकम्प प्रभावित जिला में जैसे सिन्धुली, रामेछाप, सिन्धुपाल्चोक, काभ्रे, काठमाडौँ, भक्तपुर, ललितपुर, धादिङ, नुवाकोट, गोरखा, मकवानपुर, लमजुङ और तनहुँ मे पहला चरण का अनुगमन कार्य सम्पन्न किया गया है । अनुगमन के दरमियान उन्होने विभिन्न जिला के महिला तथा बालबालिका की अवस्था की अध्यन भी किया |  महिला तथा बालबालिका के उपर होने बाले यौन दुव्र्यवहार हिंसा, बेचबिखन जैसे जोखिम बहुत ज्यादा प्रभाव कर रहा है और यह आयोग गृहमन्त्रालय को इस पर ध्यान आकर्षण भी करबाया है ।
अनुगमन के विषय पर उन लोगों को जो प्रमुख विषय नजर आया वह था राहत सम्बन्धि सभी संयन्त्र में महिला की सहभागीता नही होना, राहत सामग्री वितरण में महिला को आवशयकता सम्बोधन नहीं कराना, भूकम्प के दौरान गर्भवति, सुत्केरी, वृद्धा आपाङ्ग से जुझ रहे महिला को स्वास्थ्य उपलब्ध नहीं कराना, प्रभावित महिला और बालबालिका  बेचबिखन तथा ओसारपोसार और महिला उपर होने वाले हिंसा हुआ या नहीं इसका भी अवलोकन किया गया ।
राष्ट्रीय महिला आयोगद्वारा किया गया यह अनुगमन मे और भी चेक लिस्ट तयार हो रहा है और महिला को पुरी तरह से सहयोग करने के लिए आयोग पुरी तरह तैयार  है ।

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