नेपाल शिक्षक महासंघ का भादव ९ गते से एकबार फिर देश व्यापी आन्दोलन
काठमांडू, भादव ९ – नेपाल शिक्षक महासंघ भादव ९ गते से एकबार फिर देश व्यापी आन्दोलन शुरु करने जा रहा है । उनका कहना है कि विद्यालय शिक्षा विधेयक, २०८० में उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया है ।
महासंघ के अध्यक्ष लक्ष्मीकिशोर सुवेदी ने विधेयक में शिक्षकों की सेवा सुविधा, स्थायित्व और अधिकार को कमजोर बनाने का आरोप लगाया है ।
वैशाख महीने में देश भर के शिक्षकों ने एक महीने तक आन्दोलन किया था । यह आंदोलन सरकार के साथ नौ बूँदे सहमति होने के बाद समाप्त किया गया था । लेकिन इसी भादव ६ गते प्रतिनिधि सभा में पेश किए गए उक्त विधेयक में सहमति कार्यान्वयन नहीं किए जाने के कारण महासंघ ने पुनः आन्दोलन शुरु करने की जानकारी दी है ।
महासंघ ने ०७५, ०७८, ०८० और २०८१÷८२ में सरकार के साथ सहमति लागू करने, अस्थायी शिक्षकों के लिए ७५% आन्तरिक और २५% खुला पदपूर्ति (हालको ६०%–४०% के बदले), आवधिक पदोन्नति, समाप्त हो चुके शिक्षण लाइसेंसों के नवीकरण, स्कूल कर्मचारियों के वेतन और पदों, बाल कक्षा शिक्षकों की सेवाओं, संस्थागत स्कूल शिक्षकों की सुरक्षा, संघर्ष प्रभावित शिक्षकों के लिए ग्रेच्युटी और स्थानीय स्तर पर शिक्षण पदों के स्थानांतरण का विरोध किया है।
सुवेदी ने कहा कि आन्दोलन के पहले चरण में भादव ९ गते प्रधानमंत्री, शिक्षामंत्री और राजनीतिक दल के प्रमुख सचेतकों का इस ओर ध्यानाकर्षण करेंगे । भादव ११ से २० गते तक राजनीतिक दलों के केन्द्रीय कार्यालय, पालिका और जिलों में दो घण्टें के लिए धरना देंगे ।
भादव २१ गते से दूसरे चरण में कड़ा आन्दोलन (धरना, अवरोध और विरोध प्रदर्शन) करने की जानकारी महासंघ ने दी है ।


