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मधेशी नेताओं ने भूमि ऐन को बताया साज़िश, राजविराज में गरजे मोर्चा के नेता

 

राजविराज, १८ भाद्र २०८२। संघीय लोकतांत्रिक मोर्चा के पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आज राजविराज स्थित जिला समन्वय समिति के सभाहल में “वर्तमान राजनीतिक अवस्था के संदर्भ में जनजागरण अभियान” का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी नेपाल ने किया, जबकि अध्यक्षता रामुपा नेपाल के सप्तरी अध्यक्ष दिपेन्द्र चौधरी ने की।

कार्यक्रम में मोर्चा के शीर्ष नेताओं ने संबोधन करते हुए मधेश की समस्याओं, भूमि ऐन (कानून), लोकतंत्र की स्थिति और वर्तमान सत्ता गठबंधन की भूमिका पर कड़ा प्रहार किया।

महन्थ ठाकुर का वक्तव्य

लोसपा नेपाल के अध्यक्ष महन्थ ठाकुर ने कहा कि “मधेशियों का जन्म ही संघर्ष के लिए हुआ है” और वे अधिकार हासिल करने तक संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे। भूमि ऐन को मधेशियों को उनके ही भूभाग में अल्पसंख्यक बनाने की साज़िश बताते हुए ठाकुर ने कहा कि अब मधेशियों के पास या तो लड़कर अधिकार लेने या मिट जाने – यही दो विकल्प बचे हैं।

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उपेन्द्र यादव का संबोधन

जसपा नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने तराई-मधेश की उपजाऊ भूमि पर शासक वर्ग के लगातार कब्ज़े की आलोचना की। उन्होंने पाँच चरणों में भूमि हड़पने की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि –

  1. पहले इसे बक्सीस, जागीर और विर्ता के रूप में बांटा गया,
  2. फिर हदबन्दी के नाम पर छीना गया,
  3. तीसरे चरण में पुनर्वास कम्पनी के नाम पर विदेशी कंपनियों को सौंपा गया,
  4. चौथे चरण में सुकुम्बासी के नाम पर कार्यकर्ताओं में बाँटा गया,
  5. और अब पाँचवें चरण में भूमि ऐन लाकर मधेश को मरुभूमि बनाने की साज़िश हो रही है।

उन्होंने कहा कि मधेश को आंतरिक उपनिवेश की तरह शासित किया जा रहा है और समान जनसंख्या के आधार पर निर्वाचन क्षेत्र तय होना चाहिए।

राजेन्द्र महतो का मत

राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी नेपाल के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कहा कि जनजागरण अभियान से पहले मोर्चा के नेताओं को स्वयं जागना होगा। उन्होंने वर्तमान सत्ता गठबंधन को लोकतंत्र और संसदीय व्यवस्था का उपहास करार दिया। भूमि ऐन पारित होने के समय मोर्चा घटक दलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। महतो ने स्पष्ट कहा कि केवल मधेशी पार्टियों का एकजुट होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आदिवासी, जनजाति और सभी उत्पीड़ित समुदायों को साथ लिए बिना अधिकार संभव नहीं।

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हृदयेश त्रिपाठी की चेतावनी

जनता प्रगतिशील पार्टी नेपाल के अध्यक्ष हृदयेश त्रिपाठी ने चेतावनी दी कि यदि मोर्चा को तोड़ने की कोशिश किसी भी दल ने की तो जनता स्वयं ‘दाना-पानी’ बंद कर देगी। उन्होंने भूमि विधेयक को भूमिहीन और सुकुम्बासी के बजाय भू-माफियाओं के हित में बताया और कहा कि तराई-मधेश को मरुभूमि बनाने की कोशिश हो रही है।

वृषेश चन्द्र लाल का आरोप

तमलोपा के अध्यक्ष वृषेश चन्द्र लाल ने गठबंधन सरकार पर कुशासन और भ्रष्टाचार बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों पर दर्ज झूठे मुकदमे सरकार को वापस लेने चाहिए।

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टीका लक्ष्मी चौधरी का वक्तव्य

नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के केन्द्रीय कोषाध्यक्ष टीका लक्ष्मी चौधरी ने कहा कि देश नस्लीय शासन से मुक्ति चाहता है और तभी अधिकार संभव होगा जब सभी दल मिलकर संघर्ष करें।

उपस्थिति और आगामी कार्यक्रम

इस कार्यक्रम में मोर्चा के शीर्ष नेताओं – उपेन्द्र यादव, राजेन्द्र महतो, महन्थ ठाकुर, हृदयेश त्रिपाठी, वृषेश चन्द्र लाल, टीका लक्ष्मी चौधरी, केशव झा, मनीष सुमन, सन्तोष मेहता, आभास लाभ, मनीष मिश्र, किरण साह, अनिरुद्ध सिंह, बिनोद सिंह, डा. विजय सिंह आदि की विशेष उपस्थिति रही।

मोर्चा ने घोषणा की है कि जनजागरण अभियान के प्रथम चरण के तहत देश के आठ स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। इस क्रम में अगला कार्यक्रम २० भाद्र को जनकपुरधाम में आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी नेपाल के सहमहासचिव गजेन्द्र मण्डल ने किया।

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