Wed. Jun 10th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

चांद उपच्छाया से निकलकर ग्रहण की ओर बढ़ चुका है,खग्रास समाप्त- 12:22 एएम, 8 सितम्बर

 

काठमान्डू 7 सितम्बर

9.59 मिनट पर चंद्रग्रहण की शुरुआत हो चुका है. चांद उपच्छाया से निकलकर अब ग्रहण की ओर बढ़ गया है.
ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट बंद करने की परंपरा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखती है. ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के दौरान देवताओं की शक्तियां प्रभावित होती हैं और मंदिरों में पूजा-पाठ करने से पहले देवताओं को विश्राम करने का समय देना चाहिए. ग्रहण के बाद मंदिरों को शुद्ध और पवित्र करने के लिए विशेष पूजा और अनुष्ठान किए जाते हैं. यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और धार्मिक समुदायों में इसका विशेष महत्व है. यह परंपरा मंदिरों की पवित्रता और शुद्धता को बनाए रखने में मदद करती है.
ज्योतिषाचार्य अनिरुद्ध कुमार मिश्रा ने एक्स पर ट्वीट करके लिखा है कि आज लगने वाले चंद्र ग्रहण अशुभ, अमंगल लाल चंद्र ग्रहण होगा. बीमार, गर्भवती और मानसिक रूप से बीमार लोगों के लिए सलाह है कि कृपया इस चंद्र ग्रहण को न देखें अन्यथा यह आपके लिए अशुभ और सेहत पर प्रतिकूल असर डालने वाला हो सकता है. प्रेग्नेंट महिलाएं ग्रहण के समय औजार, नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करें. घर में आराम करें.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव जी के परम भक्त हैं चंद्र देव, इसलिए भोलेनाथ अपने मस्तक पर उन्हें धारण करते हैं. ऐसे में ग्रहण पर भगवान शिव के मंत्रों का जाप करने से चंद्र देव प्रसन्न होते हैं. निम्न मंत्र का करें जाप-

यह भी पढें   मैथिल लोक संस्कृति कार्यक्रम में झलकी मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत

ॐ नमः शिवाय:ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।श्री महेश्वराय नम:।श्री सांबसदाशिवाय नम:।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण लगने के दौरान नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. ऐसे में चंद्र ग्रहण पर प्रेग्नेंट महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. यह पेट में पल रहे शिशु और मां की सेहत पर बुरा असर डाल सकता है. हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अनुसार, चंद्र ग्रहण का गर्भवती महिलाओं पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ता. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रेग्नेंट महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए.
चंद्र ग्रहण शुरू होने का समय- रात 9 बजकर 58 मिनट
चंद्र ग्रहण समाप्त होने का समय- देर रात 1 बजकर 26 मिनट, 8 सितम्बर
ग्रहण की अवधि- 3 घंटे 28 मिनट 2 सेकेंड
खग्रास शुरू- रात 11 बजकर 1 मिनट
खग्रास समाप्त- 12:22 एएम, 8 सितम्बर
खग्रास का समय- 1 घंटा 21 मिनट, 27 सेकेंड
उपच्छाया से पहला स्पर्श- 8:59 पीएम
प्रच्छाया से पहला स्पर्श – 9:58 पीएम
उपच्छाया का समय- 5 घंटे 24 मिनट और 37 सेकेंड

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *