काठमांडू में जेन-जी का उभार,भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं का सड़क पर प्रदर्शन
काठमांडू, ८ सितम्बर (भाद्र २३, २०८२) – नेपाल सरकार द्वारा सोशल मीडिया बन्द करने के निर्णय के खिलाफ ‘जेन–जी’ (सन १९९७ से २०१२ के बीच जन्मी युवा पीढ़ी) आज राजधानी काठमांडू के माइतीघर मण्डलामा सड़कों पर उतर आई।
नारों और झण्डों के साथ प्रदर्शन
सुबह ९ बजे से शुरू हुए प्रदर्शन में युवाओं ने नेपाली राष्ट्रिय झण्डा लहराते हुए राष्ट्रभक्ति गीत गाए। उनके हाथों में “स्टप करप्शन”, “असन्तुष्टि चरम है, नेताओँ की जेब गरम है”, “स्वतन्त्र आवाज़ हमारा अधिकार” जैसे नारे लिखे प्लेकार्ड थे। कई छात्र-छात्राएँ स्कूली वेशभूषा में ही प्रदर्शन में शामिल हुए।
शान्तिपूर्ण आन्दोलन की घोषणा
युवाओं ने आन्दोलन को पूरी तरह शान्तिपूर्ण रखने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि न तोड़फोड़ होगी, न सार्वजनिक सम्पत्ति का नुकसान, न ही किसी प्रकार की आगजनी। राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ताओं को भी प्रदर्शन से दूर रखने का निर्णय लिया गया है।
विद्यार्थी कक्षाएँ छोड़कर पहुँचे
कई विद्यार्थी अपनी पढ़ाई समाप्त कर प्रदर्शन में शामिल हुए, जबकि कई सीधे कक्षा छोड़कर माइतीघर पहुँच गए। उनके हाथों में “Our Future is Not for Sale”, “Gen-Z Here, Future Clear”, “भ्रष्ट सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारों वाले बैनर थे।
काठमांडू से बाहर भी फैला आन्दोलन
यह आन्दोलन केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहा। रुपन्देही, दाङ और कावासोती में भी विद्यार्थियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कावासोती में छात्रों ने “हाम्रो कर फिर्ता गर” (हमारा कर वापस करो) और “भ्रष्टाचारी सार्वजनिक गर” (भ्रष्टाचारी को सार्वजनिक करो) जैसे नारे लगाए।
सुरक्षा कड़ी
भीड़ लगातार बढ़ने के कारण माइतीघर क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा निकाय ने सम्भावित घुसपैठ और हिंसात्मक गतिविधि रोकने के लिए निगरानी कड़ी कर दी है।
यह आन्दोलन नेपाल की युवा पीढ़ी की उस बेचैनी और जागरूकता को दर्शाता है, जहाँ वे अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता, पारदर्शी शासन और भ्रष्टाचारमुक्त समाज के लिए सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हट रहे।


