Thu. Sep 24th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपाली कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्री रमेश लेखक से तुरंत इस्तीफ़ा देने की मांग की

 

23 भाद्र, काठमांडू।

नेपाली कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्री रमेश लेखक को तुरंत इस्तीफ़ा देने की मांग की है।

जेन जी के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई में 17 लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों घायल हुए हैं। पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए, नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्री लेखक के इस्तीफ़े की माँग की है।

योजना आयोग के केंद्रीय सदस्य और पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. डॉ. गोविंदा पोखरेल ने गृह मंत्री लेखक के इस्तीफ़े की माँग की है। पोखरेल ने सोशल मीडिया पर लिखा, “गृह मंत्री को तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो पार्टी को उन्हें तुरंत वापस बुला लेना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “युवाओं की मौत के लिए गृह मंत्री लेखक को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।”

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 20 सितंबर 2026 रविवार शुभसंवत् 2083

गृह मंत्री की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके इस्तीफ़े की माँग की है। नेपाली संघ की पूर्व नेता एलिज़ा ढकाल ने कहा है कि गृह मंत्री लेखक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के सहयोगी हैं।

ढकाल ने प्रधानमंत्री ओली को तानाशाह बताया और सुझाव दिया कि कांग्रेस को सरकार छोड़ देनी चाहिए। ढकाल ने कहा, “किसी इमारत की दीवारों की सुरक्षा कई लोगों की जान से ज़्यादा महत्वपूर्ण नहीं है। आपकी अक्षमता ने आज एक काला इतिहास लिख दिया है। गृह मंत्री ओली सरकार की तानाशाही में भागीदार बन गए हैं। अक्षम गृह मंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए और कांग्रेस को इस रक्तरंजित सरकार से तुरंत हट जाना चाहिए।”

यह भी पढें   काठमाडौं विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति प्रो. डॉ. सुरेशराज शर्मा का निधन

एक अन्य नेता, वृतांत खनाल ने सरकार से हटने की माँग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान दमन से नाराज़ खनाल ने कांग्रेस से तुरंत सरकार से हटने की माँग की। खनाल ने पार्टी से कहा, “अगर आप देखते रहे, तो हम कांग्रेस में एक आंदोलन की घोषणा करेंगे।”

नेवीसंघ नेता धर्मराज शाही ने मौजूदा सरकार को अपराधी बताया है। शाही कहते हैं, “इस आपराधिक सरकार को देखने वाले अपराधी के अलावा और कुछ नहीं हो सकते। हमारे बच्चों को इस तरह मारने वाले अपराधियों को किसी भी हालत में माफ़ नहीं किया जा सकता। यह आंदोलन अब सिर्फ़ हमारे बच्चों के लिए नहीं, बल्कि हमारे लिए भी है। हम पूरी एकजुटता के साथ आंदोलन के मैदान में होंगे।”

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com