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आइए… हम आपके स्वागत को आतुर हैं :पंकज दास

 
pankaj das
पंकज दास

हिमालय की गोद में बसा खूबसूरत देश नेपाल । इस देश का जिक्र आते ही लोगों के जेहन में बर्फ से आच्छादित हिमालय की बेहद खूबसूरत वादियाँ ध्यान में आती हैं । मठों और मंदिरों का यह देश अपने मनोरम दृश्य और खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है । पर्यटन इस देश की जान है । पर्यटक इस देश के लिए भगवान हैं । अतिथि सत्कार इस देश के संस्कार में है । नेपाल आकर दुनिया भर के पर्यटक यहाँ की सुन्दरता और मोहकता के प्रति आकर्षित हुए बिना नहीं रह सकते । नेपाल दुनियां के उन चुनिन्दा देशों में शुमार है जहां धार्मिक श्रद्धालु से लेकर पर्वतीय पर्यटक तक आते हैं । नेपाल उन देशों में से एक है जहां लोग पूरे परिवार के साथ छुट्टियाँ बिताना पसंद करते हैं । क्योंकि यहाँ सबके लिए कुछ ना कुछ मौजूद है । लेकिन अफसोस …
२५ अप्रैल और १२ मई को आए भूकम्प और उसके एक महीने बाद तक लगातार आ रहे पराकंपन के झटकों से राजधानी क्षेत्र सहित सिन्धुपाल्चोक, नुवाकोट, धादिंग, दोलखा गोरखा आदि जिलों में काफी नुकसान हुआ । हजारों लोग मारे गए लाखों बेघर हुए । देखने से ऐसा लगता है कि भूकंप से नुकसान और तबाही सिर्फ इन्हीं जिलों में हुई । लेकिन हमारी सोच गलत है । भूकंप की तबाही से इन जिलों में तो तत्काल असर दिखा । राहत और बचाव का काम भी इन्हीं जिलों में केन्द्रित रहा । लेकिन किसी का भी ध्यान उन जगहों पर नहीं गया जो भूकंप में तो सुरक्षित रहे लेकिन भूकंप के त्रास ने वहां के लोगों का जीना दुश्वार कर दिया । लोग सुरक्षित घरों में रह कर भी सुखी नहीं है । अपना व्यवसाय तो चला रहे हैं लेकिन ग्राहक एक नहीं, दुकानें तो खुली हैं लेकिन खरीददार एक नहीं ।
यह दर्द भूकंप प्रभावित जिलों से कहीं अलग है । नेपाल के कई पर्यटकीय स्थल है जो इस भीषण तबाही से अछूते रहे । जहां कोई मकान और दुकान गिरना तो दूर कहीं दरारें भी नहीं आई लेकिन भूकंप के कारण फैले त्रास से माहौल शून्य से अधिक कुछ नहीं । नेपाल में तबाही भरे भूकंप को दुनियां भर की मीडिया में जो स्थान मिला उससे कुछ फायदा तो हुआ लेकिन नेपाल के पर्यटन क्षेत्र पर उसका दूरगामी और नकारात्मक असर हुआ है । मीडिया में दिखाए गए भीषण तबाही के दृश्य, लोगों की दर्दनाक मौत, रोते बिलखते बच्चे, मलबे में दबे लोग, लाशों की ढेर, ध्वस्त हुए इमारत, मलबे में तब्दील ऐतिहासिक धरोहर, बस दुनियां भर के टेलीविजन चैनल, इंटरनेट, यूट्यूब, अखबार ऐसी ही खबरें और ऐसी ही तस्वीर देख कर नेपाल आने की सोच बनाने वाले पर्यटक अपना मन बदलने को मजबूर हो गए ।
जबकि हकीकत का यह एक ही पहलु था । और इसी के चपेट में सच्चाई का दूसरा पहलु उन्हीं मलबों में कहीं दब कर रह गया जिसके कारण देश का पर्यटन सिसक–सिसक कर साँसे ले रहा है । उसे जब तक उसी रूप रंग में पुनर्जीवित नहीं किया गया तो देश को पुनर्जीवन देना बहुत ही मुश्किल होगा । ध्वस्त हो चुके धरोहरों का फिर से निर्माण में समय लगेगा, लोगों के उजड़े आशियाने को फिर से बसाने में भी कुछ समय लगेगा ही, लेकिन जो पर्यटकीय क्षेत्र बिलकुल सुरक्षित हैं उन स्थानों को पुराने रंग में लौटाने का प्रयास तो अभी से ही करना होगा । क्योंकि पर्यटन ही एक मात्र ऐसा क्षेत्र है जहाँ पर्यटकों के आने से समाज के कई लोग सीधे सीधे लाभान्वित होते हैं । कई लोगों को रोजगार मिलता है उनका परिवार चलता है और अंततः सरकार और देश को भी फायदा ही होता है । इसलिए इस समय हमारा मकसद यही होना चाहिए कि नेपाल के बारे में दुनिया भर के पर्यटकों के मन में जो भय और त्रास का माहौल बना हुआ है उसको कैसे हटाया जाए । कैसे दुनियां भर में यह सन्देश दिया जाए कि नेपाल अब सुरक्षित है, नेपाल के कई पर्यटकीय शहर सुरक्षित हैं और यहाँ आने में किसी भी प्रकार से कोई खतरा नहीं है ।
नेपाल के पर्यटन क्षेत्र में फिर से जान फूंकने के लिए नेपाल पर्यटन बोर्ड पूरी तरह से सक्रिय हो गया है । खास कर नेपाल के सबसे चर्चित और खुबसूरत पर्यटक क्षेत्र पोखरा को ध्यान में रखते हुए कई तरह के विशेष अभियान भी चलाये जा रहे हंै । पोखरा सुरक्षित है और आपके आतिथ्य के लिए तत्पर है । इसी विषय को केन्द्रित कर पोखरा टूरिज्म रिकवरी कौंसिल ९एत्च्ऋ० का गठन किया गया है । पोखरा के सभी होटल व्यवसायी, रेस्टुरेंट व्यवसायी, एविएशन क्लब आदि सभी मिल कर पोखरा में पर्यटकों के लिए विशेष छूट के साथ आकर्षक पैकेज ऑफर कर रहे हैं । पर्यटकों को पोखरा की सैर कराने के लिए और पोखरा मे रहे हर एक पर्यटकीय आकर्षण को देखने के लिए आपको इससे अच्छा और सुनहरा मौका शायद ही कहीं मिलेगा । आप विमान से सफर कीजिये उसमे छूट, आप होटल में ठहरिए उसमे छूट, खाना खाइए उसमे छूट, आप टूरिस्ट गाइड लीजिये उसमे छूट, आप पैराग्लाइडिंग कीजिये या अल्ट्राफ्लाईट का मजा लीजिये सबकुछ आपको विशेष छूट के साथ उपलब्ध है । आप पोखरा में पहले की ही तरह नाईटलाइफ का मजा भी ले सकते हैं । रात को स्ट्रीटलाईट में लेकसाइड पर घूमने का अपना ही मजा होता है ।
नेपाल में आए भूकंप के बाद मदद के लिए सभी देश आगे आए । हजारों लोगों ने नेपाल आकर यहाँ के लोगों का दर्द बांटा, लाखों लोगों ने विदेशों से सहायता भेजी । भूकंप के बाद हुए तबाही से नेपाल को बचाने के लिए नेपाल के राहत और बचाव का काम अब पूरा हो चुका है । भूकंप प्रभावित क्षेत्र में पुनर्वास का काम शुरू हो गया है । जिस तरह से आपने भूकंप के तत्काल बाद नेपाल के लिए दिल खोल कर सहयोग किया अब एक बार फिर नेपाल को आपके मदत की जरुरत है । लेकिन अब ना तो पैसे की, ना राहत सामग्री की जरुरत है । बस आपके प्यार की आपके सद्भाव की, आपके आगमन की जरुरत है । नेपाल अब सुरक्षित है, नेपाल का पर्यटक क्षेत्र सुरक्षित है, पोखरा सुरक्षित है, लुम्बिनी सुरक्षित है, जनकपुर सुरक्षित है, चितवन सौराहा आपका बेसब्री से इन्तजार कर रहा है । आप आइए, परिवार के साथ आइए, दोस्तों के साथ आइए और नेपाल के पर्यटन क्षेत्र को बचाने में अपना सहयोग दीजिये । यकीन मानिए आपको एक नया अनुभव मिलेगा । लोगों में वही उत्साह मिलेगा । आपका स्वागत उसी उमंग के साथ होगा ।

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राजेश हमाल, अभिनेता
राजेश हमाल, अभिनेता

कोई ऐसा देश नहीं जो प्राकृतिक आपदा से ना जूझा हो । नेपाल ने भी हाल ही में विनाशकारी भूकंप की पीड़ा को झेला है । हमने हजारों लोगों को गंवाया है । लेकिन हम नेपालियों में उठ खड़े होने का जज्बा है । अपने पीड़ा को भुलाते हुए हम फिर से आगे बढ़ चले हैं । जैसे परिवार में किसी दुखद घटना के बाद हम फिर से अपनी जिंदगी को एक रफ्तार देते हैं ठीक उसी प्रकार देश पर आए इस विपत्ति की घड़ी को भूल कर हम आगे बढ़ रहे हैं । हमें पूरा विश्वास है हम फिर से उठ खड़े होंगे । दुबारा अपनी जिंदगी में नया रंग भरेंगे । दुनियां भर के पर्यटकों से मेरी अपील है कि नेपाल अब सुरक्षित है, नेपाल के कई पर्यटकीय शहर बिलकुल सुरक्षित हैं । आप आइए और यहाँ के मौसम का, यहाँ के आतिथ्य का, यहाँ के सत्कार का, यहाँ की संस्कृति का पूरा मजा लीजिये ।
– राजेश हमाल, अभिनेता

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हमारा ध्यान सबसे पहले आतंरिक पर्यटकों को आकर्षित करना है । इसके पीछे का हमारा उद्द्देश्य यह है कि देश के कई हिस्सों में लोग

श्रद्धा श्रेष्ठ, सीनियर अफिसर, नेपाल पर्यटन बोर्ड, पोखरा
श्रद्धा श्रेष्ठ, सीनियर अफिसर, नेपाल पर्यटन बोर्ड, पोखरा

भूकंप से सुरक्षित हैं उन्हें कोई नुकसान भी नहीं हुआ है लेकिन उनके मन में एक प्रकार का डर और त्रास का माहौल है । हम चाहते हैं कि ऐसे लोग जो भूकंप के डर और त्रास के माहौल से दूर कहीं आकर अपने परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा वक्त गुजारना चाहते हैं तो पोखरा उनके स्वागत के लिए तैयार है । क्योंकि पोखरा पूरी तरह सुरक्षित है । यहाँ ना तो भूकंप का डर है और ना ही पराकंपन का अहसास लोगों को होता है । काठमांडू में भले ही भूकंप और पराकंपन का अनुभव होता हो लेकिन पोखरा इन सबसे अछूता है । लेकिन काठमांडू के कारण पोखरा के पर्यटन पर इसका असर पड़ा है । इसी वजह से नेपाल पर्यटन बोर्ड की सलाह पर यहाँ हमने पोखरा टूरिज्म रिवाइवल कमिटी का गठन किया है जिसमे सभी संबंधित पक्षों का प्रतिनिधित्व है । जल्द ही हम एक कैंपेन लाँच करने जा रहे हैं जिसके तहत हम भारत के विभिन्न शहरों में जाकर लोगों तक यह सन्देश पहुचाने का प्रयास करेंगे कि पोखरा सुरक्षित है । हम विभिन्न संचार माध्यमों के जरिये, विज्ञापन के जरिये यह सन्देश पहुँचाना चाहते हैं कि पोखरा को कुछ भी नुकसान नहीं पहुँचा है । आप बेफिक्र होकर पोखरा घूमने आ सकते हैं ।
– श्रद्धा श्रेष्ठ, सीनियर अफिसर, नेपाल पर्यटन बोर्ड, पोखरा

प्रतिज्ञा गौतम, कार्यकारी निदेशक, फिशटेल अल्ट्राफ्लाईट प्रा. लि, पोखरा
प्रतिज्ञा गौतम, कार्यकारी निदेशक, फिशटेल अल्ट्राफ्लाईट प्रा. लि, पोखरा

भूकंप के कारण पोखरा में पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आ गई थी । नेपाल में भूकंप के आने से और गोरखा के केंद्रबिन्दु बनाने से लोगों में क्या गलत फहमी फैल गई कि कहीं पोखरा में तो इसका असर नहीं हुआ । लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है । पोखरा बिलकुल सुरक्षित है । यहाँ सबकुछ पहले जैसा ही है । इसलिए किसी को भी पोखरा आने से डरना नहीं चाहिए । वैसे खुशी की बात यह है कि धीरे–धीरे ही सही लेकिन पोखरा में पर्यटकों का आना फिर से शुरू हो गया है । भारत से लेकर अमेरिका यूरोप तक के कुछ पर्यटक यहाँ आ रहे हैं । जैसे–जैसे यह सन्देश फैलेगा कि पोखरा की स्थिति काफी ठीक है और यहाँ किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुँचा है वैसे–वैसे पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा । वैसे पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए हमने अपनी कंपनी की तरफ से विशेष ऑफर भी देना शुरू कर दिया है । हमारे यहाँ अल्ट्राफ्लाईट में आने वाले पर्यटकों के लिए १५ प्रतिशत तक की छूट अभी हम दे रहे हैं । मेरा सभी से यही अपील है कि आप आइए, नेपाल आइए, पोखरा आइए, हमें मदद करना है तो नेपाल में पर्यटक के रूप में आइए और नेपाल के पुनर्निर्माण में अपना योगदान दीजिये ।
प्रतिज्ञा गौतम, कार्यकारी निदेशक, फिशटेल अल्ट्राफ्लाईट प्रा. लि, पोखरा

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पोखरा देश का एक ऐसा पर्यटकीय क्षेत्र है जहां नेचुरल टूरिज्म, पिलिग्रिम टूरिज्म, माउंटेन टूरिज्म, कल्चरल टूरिज्म, हिस्टोरिकल टूरिज्म

ganesh prashad bhatrai
गणेश प्रसाद भट्टराई, संयोजक, पोखरा टूरिज्म रिवाइवल काउंसिल

सबका मजा एक साथ उठाया जा सकता है । बस हमें लोगों में यह विश्वास दिलाने की जरुरत है कि पोखरा सुरक्षित है । नेपाल आने वाले पर्यटकों को मैं यह बताना चाहता हूँ कि नेपाल आने में भी कोई परेशानी नहीं है । नेपाल का अन्तराष्ट्रीय विमानस्थल ठीक है, नेपाल के अधिकाँश राजमार्ग बिलकुल सुरक्षित है । पर्यटकीय गंतब्य तक जाने वाले सभी रास्ते बिलकुल सुरक्षित हैं । इस समय पोखरा आने वाले पर्यटकों के लिए हमने विशेष छूट की घोषणा की है । होटल और रेस्तरां में ५० प्रतिशत तक की छूट की व्यवस्था है । इसके साथ ही हम पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए भारत के विभिन्न शहरों में विशेष अभियान चलाने की योजना में हैं । हम कुछ बॉलीवुड के कलाकारों को पोखरा टूरिज्म का ब्राण्ड एम्बेसेडर बनाने की सोच में हैं । हम उन्हें फिल्मी कलाकारों, गायकों, अन्य हस्तियों को पोखरा आमंत्रित करने की कोशिश में जुटे हैं ताकि भारत के साथ–Þसाथ पूरी दुनिया में ये सन्देश जाए कि पोखरा सुरक्षित है ।
गणेश प्रसाद भट्टराई, संयोजक, पोखरा टूरिज्म रिवाइवल काउंसिल

श्रीमती उज्ज्वला, मार्केटिंग हेड, नेपाल टूरिज्म बोर्ड
श्रीमती उज्ज्वला, मार्केटिंग हेड, नेपाल टूरिज्म बोर्ड

भारतीय पर्यटको को नेपाल के सुरक्षित होने का विश्वास दिलाना हमारा पहला लक्ष्य है । भूकंप के कारण नेपाल ने इस बार का पूरा एक पर्यटक सीजन खो दिया है । लेकिन इसके रिकवरी के लिए जल्द ही हम एक मास्टर प्लान ला रहे हैं । वैसे नेपाल टूरिज्म बोर्ड की पहल पर रिकवरी के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं । इस समय हमारा लक्ष्य पूर्वाेत्तर भारत के पर्यटक हैं । हम चाहते हैं कि दशहरा के मौके पर बंगाल सहित पूर्वाेत्तर भारत के लोगों को नेपाल लाने का प्रयास करें । वैसे भारत में पड़ रही भीषण गर्मी और लू की चपेट से बचने के लिए भी हम भारतीय पर्यटकों को इस समय पोखरा मुक्तिनाथ जोमसोम जैसी जगहों पर आने की अपील कर रहे हैं और उस दिशा में हम काम भी कर रहे हैं। हम भारत को लक्षित कर कई तरह के पॉकेज लाने की योजना बना रहे हैं । साथ ही भारत में रहे टूर आपरेटरों से भी समन्वय कर टूरिस्टों को नेपाल लाने का प्रयास किया जा रहा है ।
श्रीमती उज्ज्वला, मार्केटिंग हेड, नेपाल टूरिज्म बोर्ड

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