जेनजी के वास्तविक नेतृत्व की पहचान करने का बाबुराम का आग्रह, अंतरिम सरकार को दिए चार सुझाव
काठमांडू, 11 अक्टूबर 2025 । पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. बाबुराम भट्टराई ने अंतरिम सरकार से जनजी आंदोलन के वास्तविक नेतृत्व और प्रतिनिधियों की स्पष्ट पहचान करने का आग्रह किया है।
शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने लिखा, “असफलता अनाथ होती है, लेकिन सफलता के सौ पिता होते हैं — यह कहावत आज भी प्रासंगिक है।”
उनका कहना है कि भदौ 23 (8 सितंबर) से औपचारिक रूप से जनजी आंदोलन की पहल करने और सड़कों पर नेतृत्व करने वाले व्यक्तियों को ही मुख्य प्रतिनिधि माना जाना चाहिए, जबकि बाद में जुड़ने वालों को सहयोगी की भूमिका में रखना उचित होगा।

डॉ. भट्टराई ने अंतरिम सरकार के लिए चार सुझाव भी दिए हैं—

- आंदोलन के वास्तविक नेतृत्व और प्रतिनिधियों की सही पहचान करें।
- आंदोलन के ऐतिहासिक उद्देश्य को पूरा करने के लिए समर्पित होकर काम करें।
- गलत गतिविधि करने या प्रतिगामी नारे लगाने वालों के प्रति उचित व्यवहार अपनाएँ।
- विद्रोह के परिणामों के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण रखते हुए सावधानीपूर्वक आगे बढ़ें।
उनके अनुसार, यदि आंदोलन की दिशा और उद्देश्य स्पष्ट किए बिना जल्दबाजी में निर्णय लिए गए, तो इससे आंदोलन का सार कमजोर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा, “जनजी विद्रोह को उसके ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी लक्ष्य तक पहुँचाने के लिए वर्तमान सरकार को जिम्मेदार और संवेदनशील होना चाहिए।”

