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संविधान से उपर है संविधान सभा : पूर्व प्रम नेपाल

 

madhav nepalकैलास दास,जनकपुर, असार ८ । नेकपा एमाले के बरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री माधव कुमार नेपाल ने कहा है कि संविधान से उपर है संविधान सभा, इससे उपर और कोई निकाय नही रहने का दावी भी किया ।

प्रेस चौतारी नेपाल धनुषा द्वारा मंगलवार आयोजित पत्रकार सम्मेलन में उन्होने १६ बुँदे सहमति के सन्दर्भ में अदालत द्वारा किया गया आदेश संविधान सभा के गरिमा, स्थान और नियमावली से पृथक है । संविधान निर्माण के लिए नयाँ सहमति के वातावरण मे एक दुसरे को दोषारोपण नही कर सभी के बीच में विश्वास, मन और चित्त बुझाने का प्रयास आवश्यक रहा बताया ।

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राष्ट्रिय राजनीति सकारात्मक की ओर जा रही है । अनिश्चितता के जो बाँध बँधी है उसे तोडकर नयाँ किसिम से आगे आने की जरुरत है, संघीयता को गम्भीरता से लेकर संविधान निर्माण की प्रक्रिया आगे बढाने में सभी जोड दे उन्होने कहा ।

पूर्व मन्त्री नेपाल ने यह भी कहा कि चार दल ने जो १६ बुँदे सहमति की है वह सभी के लिए स्वागत योग्य और धन्यवाद के पात्र भी है । हिमाली प्रतिनिधि कैलास दास ने ‘सर्वोच्च अदालत ने १६ बुँदे सहमति को रोक लगाया है क्या वह राजनीतिक हस्तक्षेप है । अगर वह राजनीतिक हस्तक्षेप है तो खिलराज रेग्मी ने संविधान सभा विघटन किया तो उन्हे आप क्या कहेगें ?’ इसका जवाफ में उन्होने कहा संविधान के हित के लिए उन्होने किया था । सटिक जबाव नही देते हुए उन्होने यह भी कहा कि सर्वोच्च के सवालो को उत्तर भी सर्वोच्च है देगा यह सरकार की विषय नही है ।

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उन्होने स्थानीय निकाय का चुनाव संघीयता तथा प्रदेश निर्माण में किसी प्रकार का बाधा नही देगा । जनता के ईच्छा और आकांक्षा के होगा दावी भी की । दल के वीच सहमति सम्वाद तथा सहकार्य का वातावरण है और इस बार किसी भी हालत में असार में संविधान सभा का मस्यौदा जारी किया जाऐगा दावी किया ।

एक और प्रश्न के उत्तर में उन्होने कहा कि सर्वोच्च के उपर महाभियोग लगाने का अधिकार सरकार को नही है और इस विषय में सरकार ने किसी प्रकार का छलफल भी नही किया है ।

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कार्यक्रम में पूर्व स्थानीय मन्त्री शत्रुधन महतो, शीतल झा सहित का एमाले नेता की उपस्थिति थी ।

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