कौन है नवनियुक्त स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्री डॉ सुधा
काठमांडू, कार्त्तिक ९ – नवनियुक्त स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्री डॉ सुधा शर्मा गौतम ने आते ही सबसे पहले इस बात की ओर ध्यान दिया कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार की बात नहीं सुनना पड़े । उन्होंने कड़ा निर्देशन देते हुए कहा कि मंत्रालय अन्तर्गत के शाखाओं एवं विभागों से प्रवाह होने वाले सेवा समेत नागरिक मैत्री बनाई जाए । उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार केवल आर्थिक रुप से नहीं किया जाता है वरन सेवा प्रवाह के क्रम में नागरिकों को देर तक बिठाना भी एक तरह का भ्रष्टाचार ही है । कृपया इस तरह के कार्य नहीं करें ।
अब जाने की कौन है नवनियुक्त स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्री डॉ सुधा ?
डॉ शर्मा पेशे से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं । उन्होंने सन् २०६५ आश्विन से २०६८ मंसिर तक स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्यभार संभाला था । उन्होंने अपना लगभग ३५ वर्ष स्वास्थ्य क्षेत्र को दिया है । सचिव पद पर रहते हुए डॉ। सुधा शर्मा को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा । राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण सन् २०६८ में, उन्होंने सचिव पद के कार्यकाल की साढ़े दो वर्ष की अवधि के बाकी रहते हुए ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया । इस निर्णय का एक मुख्य कारण था — राजनीतिक नेतृत्व द्वारा किया जाने वाला अनावश्यक हस्तक्षेप ।
पद छोड़ने के बाद, उन्होंने स्वास्थ्य सेवा के अपने अनुभवों पर एक संस्मरणात्मक कृति लिखी । कार्त्तिक १ गते २०७७ को उनकी यह संस्मरणात्मक कृति प्रकाशित हुई जिसका नाम था –‘सिंहदरबारको घुम्ने मेच’ ९सिंहदरबार की घूमने वाली कुर्सी० । अपनी इस पुस्तक में अपने प्रशासनिक और चिकित्सकीय जीवन के समस्त अनुभवों के बारे में बताया है, साथ ही इस पुस्तक में उनके व्यक्तिगत साहस और सरकारी सेवा में कार्यरत सीमित महिला सचिवों द्वारा झेले गए असहज अनुभवों का विस्तार से वर्णन किया गया है । उनकी इस कृति में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की समस्याओं और राजनीतिक हस्तक्षेप के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया । उस समय यह पुस्तक बहुत सुर्खियों में थी । आज एकबार फिर से उन्हें बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी गई है । अपने पिछले अनुभवों को समेटकर वो कितना सफल हो पाएंगी ये तो समय ही बताएगा ।


