Sun. Aug 16th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

“मन की रसोई”: कोशी अस्पताल में गरीब मरीज़ों और उनके परिजनों के लिए प्यार का भोजन

 

विराटनगर, नेपाल — कोशी अस्पताल के भीड़-भाड़ वाले परिसर में, एक साधारण तिरपाल के नीचे, प्यार और सेवा की एक मिसाल चल रही है। यहाँ, पिछले दो वर्षों से, गरीब मरीज़ों और उनके साथ आए परिजनों को नि:शुल्क गर्मागर्म भोजन परोसा जा रहा है। इस “मन की रसोई” की शुरुआत स्थानीय समाजसेवी पृथ्वीकुमार अग्रवाल ने की है।

अग्रवाल ने 2080 असोज 28 से ‘नरसेवा नारायण सेवा‘ नामक संस्था के माध्यम से यह सेवा शुरू की। उनका कहना है कि अस्पताल आने वाले गरीब परिवारों की दयनीय हालत देखकर यह पहल करने का विचार आया। “किसी के पास इलाज का खर्च नहीं था, तो किसी के पास खाना खरीदने के पैसे भी नहीं थे। मैंने संकल्प लिया कि ऐसे जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन दूंगा,” अग्रवाल बताते हैं।

यह भी पढें   बाजारवाद की चकाचौंध में, कहीं खो न जाए बचपन की मासूमियत ?

कोशी अस्पताल पूर्वी नेपाल के एक बड़े क्षेत्र के लोगों का मुख्य चिकित्सा केंद्र है। मोरंग और सुनसरी जिलों के दूरदराज के गांवों से आए मरीज़ों और उनके साथियों के लिए एक वक्त का भोजन जुटाना भी मुश्किल होता है। ऐसे में, यह भोजन उनके लिए एक बड़ी राहत है। अब तक इस रसोई से डेढ़ लाख से अधिक लोगों को भोजन मिल चुका है।

कैसे चलता है यह काम:

यह भी पढें   देशभर मनसुनी वायुको प्रभाव, सुदूरपश्चिम में बहुत भारी बारिश की संभावना

· हर सुबह, संस्था के स्वयंसेवक अग्रवाल के अपने भोजनालय में खाना पकाते हैं।
· प्रतिदिन लगभग 25 किलो चावल और 60-70 किलो सब्जी तैयार की जाती है।
· यह भोजन गाड़ी से अस्पताल लाया जाता है और तिरपाल के नीचे परोसा जाता है।
· इस पूरे प्रयास पर प्रतिदिन लगभग 11,000 रुपये का खर्च आता है, जो दानदाताओं के सहयोग से पूरा होता है।

उर्लावारी के संजय दर्जी जैसे लोगों के लिए यह भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं है। आईसीयू में भर्ती अपने पिता की देखभाल कर रहे संजय कहते हैं, “इस समय बिना पैसे के भोजन मिल जाना हमारे जैसे लोगों के लिए बहुत बड़ी बात है। जो यह सेवा कर रहे हैं, वे महान हैं।”

यह भी पढें   नेपाली कांग्रेस इतर समूह का राष्ट्रीय सम्मेलन आज से, देउवा करेंगे उद्घाटन

पृथ्वीकुमार अग्रवाल की यह ‘मन की रसोई’ ने कोशी अस्पताल परिसर में मानवता, सहानुभूति और आशा का एक अनूठा स्वाद फैला दिया है। यह एक ऐसी मिसाल है जो दिखाती है कि एक व्यक्ति की पहल और समुदाय का सहयोग समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए कितना बड़ा सहारा बन सकता है। साभार कांतिपुर।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com