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नेपाल में पाँच महीनों में ३३७ उद्योग पंजीकृत

 

काठमांडू, २१ मंसिर २०८२ । चालू आर्थिक वर्ष (२०८२/८३) के मंसिर १५ तक देश भर में कुल ३३७ उद्योग पंजीकृत हुए हैं। इस अवधि में ३६ अरब रुपये की विदेशी निवेश स्वीकृत हुई है।

वहीं, देश में अब तक (चालू वर्ष सहित) कुल १०,७०६ उद्योग पंजीकृत हो चुके हैं। उद्योग विभाग के महानिदेशक राजेश्वर ज्ञवाली के अनुसार, पिछले साल और इस साल उद्योग पंजीकरण की दर लगभग समान रही है।

उन्होंने बताया कि सीमेंट उद्योग, चावल उद्योग, आटा और मैदा जैसे उत्पादन-केंद्रित उद्योग पंजीकृत हुए हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर पर्यटन-केंद्रित, तीसरे पर सेवा-केंद्रित और चौथे पर प्रौद्योगिकी संबंधी उद्योग पंजीकृत हुए हैं।

विभाग के आँकड़ों के अनुसार, चालू आर्थिक वर्ष २०८२/८३ में सावन में ७६, भादौ में ७२, असोज में ५५, कार्तिक में ५६ और मंसिर १५ तक ७८ उद्योग पंजीकृत हुए। विभाग के मुताबिक, अब तक ७,१०८ उद्योगों के लिए विदेशी निवेश स्वीकृत किया जा चुका है।

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इनमें बड़े, मझोले और छोटे उद्योगों की हिस्सेदारी क्रमशः ८३.०%, १०.०% और ७.०% है। इन उद्योगों से वर्ष २०८१ फागुन तक सात लाख ३१ हज़ार ५६० लोगों को रोज़गार मिलने का अनुमान मंत्रालय ने लगाया है।

देश में निवेश-अनुकूल माहौल बनाने और औद्योगिक उत्पादन की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से पिछले साल वाणिज्य नीति, २०८१ लागू की गई थी। निर्यात प्रोत्साहन, आपूर्ति प्रणाली मज़बूत करने और क्षेत्रीय समन्वय के ज़रिए देश के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि करना इस नीति का लक्ष्य है।

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उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मंत्रालय के अनुसार, देश में नए उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने उद्यमशीलता प्रोत्साहन ऋण की व्यवस्था की है। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था प्रभावी रही है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, स्टार्टअप ऋण के लिए २०८१ असार तक चयनित १,६५८ परियोजनाओं में से १६५ परियोजनाओं को १७ करोड़ ३० लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। स्टार्टअप उद्योगों ने नए रोज़गार के अवसर भी पैदा किए हैं।

एक परियोजना से औसतन पाँच रोज़गार सृजित होने का अनुमान है, इस हिसाब से १६५ परियोजनाओं से ८२५ रोज़गार सृजित हुए। इस तरह के ऋण प्राप्त उद्यमियों से २०८१ पुष तक मूलधन और ब्याज के रूप में एक करोड़ २० लाख रुपये वसूल हुए हैं।

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मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, २०८१ फागुन तक पंजीकृत उद्योगों में उत्पादन-केंद्रित उद्योग ३५.८४%, सेवा-केंद्रित २५.७९% और पर्यटन-केंद्रित २३.१०% हैं। सबसे कम हिस्सेदारी ०.७६% पूर्वाधार संबंधी उद्योगों की है।

मंत्रालय ने बताया कि आर्थिक वर्ष २०८१/८२ में स्टार्टअप ऋण के लिए प्रस्तावित ५,१५८ परियोजनाओं में से १,३१४ परियोजनाओं का चयन हुआ है। इस कार्यक्रम के लिए चालू आर्थिक वर्ष २०८२/८३ में एक अरब रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

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