Mon. Jan 19th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सरकार ने बड़े भारतीय नोटों पर लगी रोक हटाई

29 मंसिर, काठमांडू।

सरकार ने बड़े भारतीय नोटों पर लगी रोक हटा दी है।

सोमवार की कैबिनेट मीटिंग में भारत और नेपाल के बीच 200 और 500 रुपये तक के 25,000 रुपये के नोटों के इंपोर्ट/एक्सपोर्ट की इजाज़त देने का इंतज़ाम किया गया है। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन मिनिस्टर जगदीश खरेल ने कहा कि सरकार के बड़े भारतीय नोटों पर लगी रोक हटाने के साथ, सिर्फ़ 9 नवंबर, 2016 के बाद जारी किए गए नोट ही सर्कुलेशन में लाए जा सकेंगे।

मिनिस्टर खरेल ने कहा, “नेपाली या भारतीय नागरिकों के लिए भारत से नेपाल में प्रति व्यक्ति 25,000 रुपये इंपोर्ट करने और नेपाल से भारत में एक्सपोर्ट करने का इंतज़ाम किया गया है।”

इससे पहले, भारत के सेंट्रल बैंक, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने नेपाल में बड़े भारतीय नोटों के इंपोर्ट और एक्सपोर्ट की इजाज़त देने का इंतज़ाम किया था।

यह भी पढें   वाराणसी में पंडित विद्यानिवास मिश्र का रचना- कर्म जन्म शती वर्ष के राष्ट्रीय संगोष्ठि

भारत के खुलने के बाद, नेपाल सरकार ने भी रोक हटा दी। RBI ने नेपाल को बड़े नोटों के इंपोर्ट/एक्सपोर्ट की इजाज़त देने के लिए फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट रेगुलेशन 2015 में बदलाव किया था। भारत ने 2016 में बड़े भारतीय नोट बंद कर दिए थे। उसके बाद, उसने नेपाल को बड़े नोटों के इंपोर्ट और एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी थी।

भारत के नेपाल में बड़े भारतीय रुपये एक्सचेंज न करने के बाद, नेपाल ने भी 100 से ज़्यादा मूल्य के भारतीय रुपये के सर्कुलेशन पर रोक लगा दी थी।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक:-15 जनवरी 2026 गुरुवार शुभसंवत् 2082

नेपाली सरकार ने इसे पॉज़िटिव लेते हुए, उस समय रोक हटा दी जब उसकी सीमा खुली थी और व्यापार में भारत पर निर्भरता थी, जिससे दोनों तरफ़ से इसे लिया और लिया जा सकता था।

जब भारत ने 2016 में डिमॉनेटाइज़ किया, तो उसने नेपाल में बड़े भारतीय रुपये एक्सचेंज नहीं किए, यानी उन्हें वापस नहीं लिया। उस समय, बैंकिंग सिस्टम में सिर्फ़ 50 मिलियन रुपये थे। वे नोट अभी भी एक्सचेंज होने बाकी हैं।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 19 जनवरी 2026 सोमवार शुभसंवत् 2082

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *