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प्रचंड की गिरफ्तारी और जांच की मांग वाली रिट पिटीशन पर सुनवाई

 

काठमांडू.

नेकपा संयोजक पुष्पकमल दाहाल  प्रचंड की गिरफ्तारी और जांच की मांग वाली रिट पिटीशन पर सुनवाई होनी है। पिटीशन पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मनोज कुमार शर्मा और सुनील कुमार पोखरेल की जॉइंट बेंच में सुनवाई होनी है।
रामेछाप के  आरण, कल्याण बुढाथोकी  समेत 24 संघर्ष पीड़ितों की रिट पिटीशन फाल्गुन 23, 2079 को रजिस्टर हुई थी।  निवेदक ने  दहाल की गिरफ्तारी और ज़रूरी जांच प्रोसेस की मांग की है । दहाल ने माघ 1, 2076 को काठमांडू में आयोजित एक प्रोग्राम में कहा था कि वह 17,000 हत्याओं में से 5,000 की ज़िम्मेदारी लेंगे। यह रिट निवेदन रामेछाप के ज्ञानेंद्र राज एरन, जितेंद्र कुमार मोक्तान, शंकर लाल लामा, सिंधुपालचौक के दीपक हमाल, गोरखा की होम कुमारी , स्वास्तिका अधिकारी, नीलम देवकोटा, सीता देवी ढकाल, जनक कुमारी कोइराला, विजय श्रेष्ठ, नवराज पोखरेल, स्यांगजा की सावित्री शर्मा, कावरे की पूर्णिमा लामा, सलाम सिंह लामा और ओखलढूंगा की लक्ष्मी श्रेष्ठ ने दायर की है, जिसमें दहल को रेस्पोंडेंट बनाया गया है।

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इसी तरह, एक और रिट पिटीशन में पिटीशनर कल्याण बुधाथोकी रामेछाप, कमला राय तिमलसेना भोजपुर, बिनोद सपकोटा गोरखा, हमराज दवाडी (लामजंग), पंपा बुधाथोकी रामेछाप, शिव कुमार बुधाथोकी रामेछाप, सुभाष गिरी रामेछाप और चिरंजी बिबास गिरी धनुषा हैं।

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