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गोरख, हरेराम की स्मृति दिवस मनाया गया

 


जनकपुरधाम/ मिश्री लाल मधुकर। जन संस्कृति मंच दरभंगा के तत्वावधान नक्सलबाड़ी चेतना के प्रखर इंकलाबी कवि गीतकार, आलोचक और जसम के संस्थापक राष्ट्रीय महासचिव गोरख पाण्डेय के साथ-साथ दरभंगा में नक्सलबाड़ी दौर के समर्पित कम्युनिस्ट योद्धा कॉ हरेराम पासवान स्मृति दिवस पर पूरी शिद्दत से याद किए गए। सर्वप्रथम उनकी तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई ।उसके बाद जनगायक कॉ भोला जी एवं डॉ अजय कलाकार द्वारा गोरख पाण्डेय के इंकलाबी गीतों की प्रस्तुति की गई। मौके पर जसम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ सुरेन्द्र सुमन ने कहा कि “इंकलाबी कवि गोरख पाण्डेय और कॉ हरेराम पासवान सहोदरी इंकलाबी राजनीति एवं जनसंस्कृति के योघ्दा थे जो मौजूदा अमेरिकी साम्राज्यवादी गुंडागर्दी और भारतीय फासीवादी बर्बरता के दौर में तमाम परिवर्तनकामी लोगों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। जनकवि नागार्जुन ने गोरख पाण्डेय के संदर्भ में ठीक ही कहा था कि ‘घुप्प अंधेरे दौर में गोरख पाण्डेय की रचनाएं हमारे लिए टॉर्च का काम करेंगी’। ” कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जसम जिला अध्यक्ष डॉ रामबाबू आर्य ने कहा कि “गोरख पाण्डेय क्रांतिकारी जनबुद्धिजीवी और कवि थे । उन्होंने शोषित -पीड़ित-दलित-वंचित समाज का नेतृत्व करते हुए अपने पिता से भी लड़ाई लड़ी थी ।आज के फासिस्ट सत्तात्मक दमन के दौर में गोरख पाण्डेय की प्रासंगिकता सबसे अधिक है। दरभंगा में नक्सलबाड़ी आंदोलन से प्रेरित कॉ हरेराम पासवान का भी आज स्मृति दिवस है जिनका योगदान मिथिलांचल के कम्युनिस्ट आंदोलनों के इतिहास में स्मरणीय है। कार्यक्रम में डॉ संजय कुमार, डॉ दुर्गानन्द यादव, डॉ अजय कुमार कलाकार, कॉ रामनारायण पासवान (भोला जी), डॉ अनामिका सुमन और लक्ष्मण कुमार यादव सहित कतिपय लोगों ने भी अपने-अपने विचार रखे।

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