फागुन 21 को होने वाले चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनेगी : विश्वप्रकाश शर्मा
नेपाली कांग्रेस के उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने कहा है कि भदौ 23 और 24 के जेनजी आंदोलन के बाद केवल नेपाली कांग्रेस ही बदलाव के साथ नए नेतृत्व में सामने आई है और वास्तव में नई पार्टी के रूप में स्थापित हुई है।
भैरहवा में आयोजित पार्टी के चुनावी कार्यक्रम में शर्मा ने कहा कि पार्टी में परिवर्तन आ चुका है, इसलिए फागुन 21 को होने वाले चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनेगी।

देश के विभिन्न स्थानों से प्राप्त सूचनाओं और अपने दौरे के अनुभव के आधार पर उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पहली पार्टी बनने जा रही है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस फिर से देश का नेतृत्व करने के लिए बहुमत की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह नहीं कहा जा सकता कि पुराना समय चला गया, क्योंकि इस धरती पर सबसे पुरानी चीज़ धरती ही है। नया होना जन्मतिथि से नहीं, बल्कि सोच, दृष्टिकोण और नेतृत्व में बदलाव से तय होता है। वास्तव में बदली हुई और नई बनकर आई पार्टी कांग्रेस ही है।”
जेनजी आंदोलन के दौरान हुई मानवीय क्षति तथा राष्ट्रीय और निजी संपत्ति के नुकसान से आम नेपाली जनता का मन आहत हुआ, विश्वास टूटा—यह टिप्पणी करते हुए शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह कहना सही नहीं है कि जेनजी विद्रोह पूरी तरह गलत था और भदौ 23 से पहले सब कुछ ठीक था।
उन्होंने कहा कि जेनजी विद्रोह ने देश में परिवर्तन की मांग की थी, और उसी भावना के अनुरूप कांग्रेस ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी विशेष महाधिवेशन आयोजित कर नया नेतृत्व चुना, जिससे न केवल कांग्रेस के भीतर बल्कि अन्य दलों में भी आशा और भरोसा पैदा हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि अभी यह बहस करने का समय नहीं है कि विशेष महाधिवेशन सही था या गलत, बल्कि पूरे कांग्रेस को एकजुट होकर चुनाव में बहुमत लाने के लिए जुटना चाहिए।
शर्मा ने कहा, “फागुन के चुनाव के बाद नियमित महाधिवेशन होगा, फिर प्रदेश और स्थानीय तह के चुनाव होंगे। उन चुनावों में उम्मीदवार बनने के लिए प्रारंभिक चुनाव होगा। इसलिए उम्मीदवार बनने के लिए अब पार्टी केंद्र की ओर देखने की बजाय अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी से काम करें। अगर हम इस चुनाव में बहुमत नहीं ला सके, तो आने वाले चुनावों में भी पार्टी कमजोर हो सकती है—यह बात नहीं भूलनी चाहिए।”
कार्यक्रम में पूर्व गृहमंत्री तथा नेपाली कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय सदस्य बालकृष्ण खाण ने भी आगामी फागुन 21 के चुनाव में कांग्रेस को बहुमत दिलाना आवश्यक बताते हुए सभी नेता और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी के उम्मीदवारों को जिताने के लिए जुटने का आग्रह किया।

