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कलम, कोड और क्रांति: सांसद अरबिन्द साह की प्रेरणादायक कहानी

 

Arbinda sah a The Tech MP

हिमालिनी डेस्क, काठमांडू १२ मार्च ०२६। नेपाल की राजनीति के इतिहास में कुछ क्षण ऐसे आते हैं जो केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि युग परिवर्तन का संकेत देते हैं। वर्ष 2026 का संसदीय चुनाव ऐसा ही एक मोड़ साबित हुआ, जिसने एक सफल टेक-आंत्रप्रेन्योर को देश की सर्वोच्च नीति-निर्माता संस्था ‘संसद’ तक पहुँचा दिया। यह कहानी है इंजीनियर अरबिन्द साह की, जिन्होंने साबित कर दिया कि जब तकनीक का ज्ञान और समाज सेवा का जज्बा मिलता है, तो एक नई क्रांति का जन्म होता है।

नेपाल एक ऐतिहासिक परिवर्तन के मुहाने पर खड़ा है। पारंपरिक राजनीति के पुराने ढर्रों को तोड़ते हुए, एक नया नेतृत्व उभर रहा है – एक ऐसा नेतृत्व जो तकनीक की भाषा समझता है, जो विकास के लिए डेटा और इनोवेशन का उपयोग करना जानता है। इस नई लहर के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक हैं अरबिन्द साह (Arvind Sah), एक इंजीनियर और उद्यमी, जिन्होंने अपनी कोडिंग स्किल को जनसेवा के एक शक्तिशाली औजार में बदल दिया है। ‘दी टेक एमपी’ (The Tech MP) के रूप में पहचाने जाने वाले साह, नेपाल की संसद में आधुनिकता, पारदर्शिता और युवा आकांक्षाओं की एक बुलंद आवाज हैं।

 

भारी बहुमत:

उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी, नेपाली कांग्रेस के दिग्गज नेता फरमुल्लाह मंसूर को 30,645 से अधिक मतों के अंतर से हराया।

आंकड़े: अरबिन्द को 40,997 वोट मिले, जबकि मंसूर मात्र 10,052 वोटों पर सिमट गए।

रिकॉर्ड: वे बारा जिले से RSP का खाता खोलने वाले पहले उम्मीदवार बने और निवर्तमान सांसद ज्वाला कुमारी साह को चौथे स्थान पर धकेल दिया।

 

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कोडिंग से जनमत तक: इंजीनियर अरबिन्द साह का संसद तक का सफर

अरबिन्द साह का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। बारा जिले के महागढीमाई-7 (तेलकुवा) की गलियों से निकलकर काठमांडू के पुलचोक इंजीनियरिंग कैंपस तक पहुँचना उनकी मेहनत का पहला पड़ाव था। एक समय था जब वे कंप्यूटर की स्क्रीन पर जटिल ‘कोड’ लिखकर डिजिटल समस्याओं का समाधान ढूंढते थे। उन्होंने ‘खल्ती’ (Khalti) और ‘स्पैरो एसएमएस(sparrowsms)’ जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए नेपाल में डिजिटल क्रांति की नींव रखी।
लेकिन उनके मन में हमेशा एक सवाल था—क्या तकनीक केवल व्यापार के लिए है? जवाब मिला ‘नहीं’। उन्होंने अपनी कुशलता को समाज की जटिल समस्याओं को सुलझाने में लगाने का निर्णय लिया। यही वह मोड़ था जहाँ से शुरू हुआ “कोडिंग से जनमत तक: इंजीनियर अरबिन्द साह का संसद तक का सफर”। उन्होंने कीबोर्ड छोड़कर जनता के बीच जाने का साहस दिखाया और अपनी विशेषज्ञता को राष्ट्र निर्माण में झोंक दिया।

डिजिटल क्रांति का चेहरा: राजनीति के मैदान में अरबिन्द साह की ऐतिहासिक जीत

जब अरबिन्द साह ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के बैनर तले बारा निर्वाचन क्षेत्र संख्या-3 से अपनी दावेदारी पेश की, तो राजनीतिक पंडितों ने इसे एक ‘प्रयोग’ मात्र समझा। उनके सामने दशकों पुराने अनुभवी नेता थे। लेकिन अरबिन्द ने अपनी इंजीनियरिंग वाली ‘प्रॉब्लम सॉल्विंग‘ तकनीक को चुनाव प्रचार में उतारा।
उन्होंने खोखले नारों के बजाय डेटा, पारदर्शिता और तकनीक आधारित विकास की बात की। परिणाम स्वरूप, “डिजिटल क्रांति का चेहरा: राजनीति के मैदान में अरबिन्द साह की ऐतिहासिक जीत” ने पूरे देश को चौंका दिया। उन्होंने 30,000 से अधिक मतों के भारी अंतर से जीत हासिल की। यह जीत केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस ‘सिस्टम’ की जीत थी जिसे वे बदलना चाहते थे।

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बदलते नेपाल की नई तस्वीर: कैसे एक टेक-आंत्रप्रेन्योर बना बारा का जननायक

आज अरबिन्द साह संसद में केवल एक सांसद नहीं हैं, बल्कि वे “बदलते नेपाल की नई तस्वीर: कैसे एक टेक-आंत्रप्रेन्योर बना बारा का जननायक” का जीवंत उदाहरण हैं। एक ऐसा नेता जो ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ की भी बात करता है और ‘सिंचाई के लिए बिजली‘ की भी।
साह ने दिखाया कि एक उद्यमी की कार्यक्षमता और एक इंजीनियर का अनुशासन यदि राजनीति में आ जाए, तो सरकारी फाइलों की रफ्तार बढ़ सकती है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो सकती है। वे अब बारा के स्कूलों को डिजिटल बनाने, किसानों को तकनीक से जोड़ने और युवाओं के लिए स्वदेश में ही रोजगार के अवसर पैदा करने के मिशन पर हैं।

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सांसद अरबिन्द साह का विजन: टॉप 5 प्राथमिकताएं

सांसद के रूप में अरबिन्द साह के कार्यकाल के लिए निम्नलिखित मुख्य लक्ष्य तय किए गए हैं:

• शिक्षा का ‘डिजिटल अपग्रेड’: बारा के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट लैब्स की स्थापना और शिक्षकों को तकनीकी प्रशिक्षण।
• ई-गवर्नेंस (पारदर्शिता): नगरपालिकाओं और सरकारी दफ्तरों को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ना ताकि भ्रष्टाचार कम हो।
• टेक-हब का निर्माण: स्थानीय युवाओं को कोडिंग और डिजिटल स्किल सिखाने के लिए ‘इनोवेशन सेंटर’ की शुरुआत।
• स्मार्ट एग्रीकल्चर: बारा के किसानों के लिए मौसम की जानकारी और बाजार मूल्य सीधे उनके मोबाइल पर उपलब्ध कराना (KISAN Agro विजन)।
• रिवर्स ब्रेन ड्रेन: नेपाल के आईटी विशेषज्ञों को वापस बुलाने के लिए विशेष नीतियां और स्टार्टअप प्रोत्साहन।

निष्कर्ष
अरबिन्द साह एक ऐसे नेता हैं जो “बोलने” से ज्यादा “करने” (Doer) में विश्वास रखते हैं। एक सफल इंजीनियर और बिजनेस लीडर से सांसद बनने तक का उनका सफर यह संदेश देता है कि यदि शिक्षित युवा राजनीति में आएं, तो समाज और राष्ट्र की दिशा बदली जा सकती है। वे आधुनिक तकनीक और पारंपरिक नेपाली मूल्यों के बीच एक सेतु का काम कर रहे हैं।

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