संसदीय दल का नेता चुनने की तैयारी में रास्वपा, समानुपातिक सांसदों की सूची भी जल्द तय
काठमांडू। (रास्वपा) ने समानुपातिक प्रणाली से निर्वाचित सांसदों के चयन और पार्टी विधान में संशोधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए सचिवालय बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। यह बैठक पार्टी सभापति और वरिष्ठ नेता के बीच हुई बातचीत के बाद शनिवार को आयोजित की जाएगी।
पार्टी के अनुसार सचिवालय बैठक के तुरंत बाद केंद्रीय समिति की बैठक भी बुलाई जाएगी, जिसमें समानुपातिक प्रणाली से सांसद बनने वालों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। साथ ही संसदीय दल के नेता के चुनाव से जुड़ी व्यवस्था में संशोधन करने की भी तैयारी की जा रही है। रास्वपा को समानुपातिक प्रणाली के तहत 57 सीटें प्राप्त हुई हैं। ने राजनीतिक दलों को रविवार तक समानुपातिक सांसदों की सूची प्रस्तुत करने के लिए पत्र भेजा है।
पार्टी के प्रवक्ता ने बताया कि सचिवालय बैठक का समय और स्थान अभी तय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्टी सभापति की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए बैठक का समय और स्थान निर्धारित किया जाएगा। वर्तमान में रवि लामिछाने चिकित्सकों की सलाह के अनुसार ‘बेड रेस्ट’ पर हैं। झा के अनुसार सचिवालय बैठक में समानुपातिक प्रणाली से निर्वाचित होने वाले उम्मीदवारों के नाम की सिफारिश की जाएगी।
बैठक बुलाने से पहले रवि लामिछाने और बालेन्द्र शाह के बीच विस्तृत चर्चा भी हुई। वरिष्ठ नेता शाह ने गुरुवार को लामिछाने के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। पार्टी की सह-प्रवक्ता ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच पार्टी के भविष्य और आगामी राजनीतिक प्रक्रियाओं को लेकर लगातार संवाद जारी है।
रास्वपा ने चुनाव के दौरान बालेन्द्र शाह को भावी प्रधानमंत्री के रूप में प्रस्तुत किया था। हाल ही में हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में पार्टी ने 182 सीटों पर जीत दर्ज कर लगभग दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। पार्टी नेताओं के अनुसार लामिछाने और शाह के बीच सरकार गठन, संसदीय दल के नेता के चयन और संभावित मंत्रिपरिषद विस्तार जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई है।
पार्टी अब अपने विधान की धारा 66 में संशोधन करने की तैयारी में है। मौजूदा प्रावधान के अनुसार संसदीय दल के नेता के चुनाव में पार्टी के सभी साधारण सदस्य मतदान कर सकते हैं। लेकिन यह व्यवस्था की धारा 25 से मेल नहीं खाती, जिसमें कहा गया है कि संसदीय दल का नेता केवल संबंधित संसद या प्रदेश सभा के निर्वाचित सदस्य ही अपने बीच से चुनेंगे।
विधान संशोधन के बाद संभावना जताई जा रही है कि बालेन्द्र शाह को संसदीय दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री नियुक्त कर सकते हैं। के संविधान के अनुच्छेद 76(1) के अनुसार प्रतिनिधि सभा में बहुमत प्राप्त संसदीय दल के नेता को राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नियुक्त करते हैं और उनके नेतृत्व में मंत्रिपरिषद का गठन होता है।


