विराटनगर में सनातन धर्म संरक्षण पर जोर, भारत-नेपाल सहयोग आवश्यक
हिमालिनी प्रतिनिधि जोगबनी विराटनगर ( सीमा क्षेत्र) । श्रीहरि सत्संग समिति नेपाल द्वारा बुधवार को आयोजित स्वागत एवं भेंटघाट कार्यक्रम में एकल श्रीहरि के संस्थापक श्याम गुप्त ने कहा कि नेपाल और भारत के आपसी सहयोग से ही सनातन धर्म की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है। उन्होंने कहा कि नेपाल का अस्तित्व केवल हिमालय की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सनातन हिंदू धर्म और संस्कृति के संरक्षण का भी प्रमुख केंद्र है।
गुप्त ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व के कठिन समय में भी सनातन धर्म सदैव शांति, सहिष्णुता और मानव कल्याण के पक्ष में खड़ा रहा है, जो इसकी महानता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में कोशी प्रदेश के वन, वातावरण तथा पर्यटन मंत्री भीम पराजुली ने भी सनातन धर्म की रक्षा पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में इस पर चारों ओर से आक्रमण हो रहे हैं। ऐसे में देश और संस्कृति की सुरक्षा के लिए सनातन धर्म का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
समिति के अध्यक्ष भीमचन्द्र सराल ने श्रीहरि सत्संग समिति नेपाल की गतिविधियों और सामाजिक-धार्मिक कार्यों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर संस्था के नेपाल प्रभारी सुनील सिंघल, कोशी उपाध्यक्ष महेशकुमार साह स्वर्णकार, राष्ट्रीय महासचिव रामजीवन अग्रवाल, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष गिरिजा शारडा, चैप्टर अध्यक्ष घनश्याम काबरा एवं जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश अग्रवाल उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन कोशी अध्यक्ष विद्यानंद माझी ने किया।





