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सुकुम्बासी के विषय को लेकर सांसदों ने की सरकार की आलोचना

 

काठमांडू, आषाढ़ २५ – सुकुम्वासियों पर हो रहे अन्याय के विषय को लेकर सांसदों ने सरकार की आलोचना की है । आज प्रतिनिधि सभा की बैठक में अपनी बात रखते हुए प्रमुख प्रतिपक्ष दल नेपाली कांग्रेस की सांसद हरिनादेवी कामी ने होल्डिग सेंटर में आश्रय लेकर रहने वाले सुकुम्वासियों को लेकर कहा है कि सरकार द्वारा सुकुम्वासियों की समस्या समाधान के लिए तत्काल कार्ययोजना सार्वजनिक करनी चाहिए ।
सांसदों ने सरकार का ध्यानाकर्षण इस ओर करवाया है कि सुकुम्वासियों को जीने का अधिकार है । उनेक जीने के हक की रक्षा सरकार को करनी चाहिए । उन्होंने कहा है कि ‘पाँच दिनों के भीतर आश्रय खाली करने के जो अल्टिमेटम दिया गया है उसे सरकार वापस ले । वास्तविक सुकुम्वासियों की पहचान कर को निष्पक्ष, सम्मान सहित राहत की व्यवस्था करें ।’ केवल‘अस्थायी रुप से नगद बाँटकर अपनी जिम्मेदारी से पीछा नहीं छुड़वाना है वरन उनके लिए सुरक्षित आवास और दिर्घकालीन समाधान की कार्ययोजना तत्काल सार्वजनिक करें ।’
इसी तरह नेकपा (एमाले) सांसद यशुदाकुमारी बराल ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि सरकार द्वारा सुकुम्वासियों पर अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है । प्रतिनिधि सभा की बैठक में बालते हुए बराल ने प्रश्न किया कि सुकुम्वासियों को सड़क पर धकेल देना मानव अधिकार हनन होता है कि नहीं ?
‘क्या सुकुम्वासी जनता हैं की नहीं ? उन्हें जीने का अधिकार है या नहीं ? सांसद बराल न प्रश्न किया कि, ‘क्या उन्हें स्वतन्त्रता पूर्वक जीने का अधिकार है या नहीं ? उन्होंने कहा कि
‘गरीबों का आँसू बहुत महंगा पड़ता है । इस विषय में सरकार और संबंधित पक्ष का ध्यानाकर्षण करना चाहती हूँ ।’

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