आईएमई ग्रुप ने प्रधानमंत्री दैवी प्रकोप उद्धार कोष में 10 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की

काठमांडू।
आईएमई ग्रुप ने भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित नागरिकों की खोज, बचाव, तत्काल राहत और पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री दैवी प्रकोप उद्धार कोष में 10 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
आईएमई ग्रुप तथा समूह द्वारा प्रवर्तित कंपनियाँ—ग्लोबल आईएमई बैंक, आईएमई लिमिटेड, आईएमई लाइफ इंश्योरेंस, आईजीआई प्रूडेंशियल इंश्योरेंस, चंद्रागिरि हिल्स, डिशहोम, आईएमई मोटर्स एवं उसकी साझेदार कंपनी अशोक लीलैंड, आईएमई खल्ती, स्विफ्ट टेक्नोलॉजी, मिदास हेल्थ, माइमार्ट, लुम्बिनी केबलकार, आईएमई फाउंडेशन सहित अन्य कंपनियों के माध्यम से यह सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अलावा, आईएमई ग्रुप के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों की ओर से भी एक दिन के वेतन के बराबर राशि सहायता स्वरूप प्रदान की जाएगी।
आईएमई ने दुनिया भर से नेपाल में राहत राशि भेजने के लिए निःशुल्क रेमिटेंस सेवा उपलब्ध कराई है। साथ ही ग्लोबल आईएमई बैंक के मोबाइल ऐप ग्लोबल स्मार्ट प्लस और खल्ती बाय आईएमई मोबाइल वॉलेट के माध्यम से भी सरकार के राहत कोष में सीधे और बिना किसी शुल्क के राशि जमा करने की व्यवस्था की गई है।
इसके साथ ही आईएमई फाउंडेशन के समन्वय में अतिरिक्त राहत सामग्री और आवश्यक वस्तुओं (जिन्सी सहायता) उपलब्ध कराने की भी प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है।
आईएमई ग्रुप ने बताया कि यह सहयोग अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत प्रदान किया जा रहा है, ताकि इस अभूतपूर्व आपदा में लापता लोगों की खोज, घायलों के उपचार, प्रभावित परिवारों के लिए खाद्यान्न उपलब्ध कराने और क्षतिग्रस्त संरचनाओं के पुनर्निर्माण में सहायता मिल सके।
ग्रुप ने विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वाले नागरिकों के प्रति भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। साथ ही इस कठिन समय में दिन-रात राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में जुटे सुरक्षाकर्मियों, स्वयंसेवकों, स्थानीय समुदायों और संबंधित सरकारी निकायों के प्रति हार्दिक आभार भी व्यक्त किया है।
आईएमई ग्रुप ने यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले भी नेपाल के विभिन्न हिस्सों में आई भीषण बाढ़, भूस्खलन, जलभराव, भूकंप और महामारी जैसी आपदाओं के दौरान वह अग्रिम पंक्ति में रहकर लगातार आर्थिक, भौतिक और मानवीय सहायता प्रदान करता रहा है।