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बीएलसी तथा बसन्त चौधरी फाउंडेशन की ओर से 3 करोड़ रुपये की सहायता का निर्णय

 

काठमान्डू

नेपाल में आए आपदा की इस घडी में सहयोग के हाथ लगातार बढ रहे हैं । प्रधानमत्री आपदा काष में चार अर्ब रुपए अब तक जमा हो चुके हैं । देश के कोने कोने से सहयोग मिल रहा है । ऐसे में ही  बीएलसी (BLC) के अंतर्गत आने वाली सभी कंपनियों तथा बसन्त चौधरी फाउंडेशन की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए संयुक्त रूप से 3 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

संबंधित सरकारी एवं स्थानीय निकायों के साथ समन्वय करके यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यह सहायता वास्तविक बाढ़ पीड़ित परिवारों तक प्रभावी और पारदर्शी ढंग से पहुँचे।

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देश के प्रसिद्ध व्यवसायी बसंत चाैधरी फाउन्डेशन के अध्यक्ष तथा साहित्यकार बसंत चाैधरी ने  फेसबुक पर एक मार्मिक वक्तव्य के द्वारा देश के प्रति अपनी चिन्ता व्यक्त की है । उन्होंने लिखा है ,  बाढ़ सिर्फ घर नहीं बहाती। यह वर्षों की मेहनत, परिवार की सुरक्षा और आने वाले कल की उम्मीद भी अपने साथ बहा ले जाती है।

नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों में आई भीषण बाढ़ से हुई जन-धन की क्षति ने हम सभी को गहरे दुख और पीड़ा से भर दिया है। इस आपदा में जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उन्हें मैं भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएँ हैं और सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।

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तत्काल राहत आज के दर्द को कुछ कम कर सकती है, लेकिन पानी उतर जाने के बाद भी पीड़ित परिवारों का संघर्ष समाप्त नहीं होता। उन्हें फिर से खड़े होने के लिए एक सुरक्षित छत, एक मजबूत आधार और नई शुरुआत की आवश्यकता होती है। इसलिए हमने तत्काल राहत से एक कदम आगे बढ़ते हुए पुनर्वास को अपनी प्राथमिकता बनाया है।

बीएलसी (BLC) समूह की कंपनियों और बसंत चौधरी फाउंडेशन की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए संयुक्त रूप से 3 करोड़ रुपये की सहायता देने का निर्णय लिया गया है। संबंधित सरकारी एवं स्थानीय निकायों के साथ समन्वय करके यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यह सहायता वास्तविक पीड़ित परिवारों तक प्रभावी और पारदर्शी ढंग से पहुँचे।

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विपत्ति की इस घड़ी में किसी का घर दोबारा बनाना केवल ईंट, दीवार और छत खड़ी करना नहीं है; यह उस परिवार की उम्मीद, आत्मसम्मान और भविष्य का पुनर्निर्माण करना भी है।

नेपाल फिर उठेगा।

और हम सब मिलकर उसे फिर से खड़ा करेंगे।

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