विधुत प्राधिकरण का कर्मचारी ही दे रहा है हुकिङ का प्रशिक्षण
मनोज बनैता, लाहान,२० अप्रैल ।
सिरहा जिला मे हुकिङ के वजह से करिबन दर्जनौ मोटर एवं फ्रिज जफत किए गए है । हुकिङ करना गैरकानुनी है ।
देशके करोडौ लोग लोडसेडिङ से परेसान है । इसमे भी अगर लोग हुकिङ करने लगे तो विजली आर्पुती मे कठिनाई आना स्वभाविक है । लाहान का विधुत प्राधिकरण कुछ ऐसे ही कठिनाइयों से जुझ रहा है । अगर विधुत चुहावट की वात करे तो चौकादेनेवाला सच हमारे हात आया है । लाहान मटियर्वा १ के रहनेवाले विष्णु देव साह विधुत प्राधिकरण मे मिटर के लिए करिब एक वर्ष पहले ही कागजी प्रक्रिया पुरा करचुके थे परंतु वे आजतक मिटर नही पा सके है । साह की पत्नी के अनुसार बारम्बार प्राधिकरण के चक्कर काटनेपर भी कोई सुनवाही नही हुआ है । श्रीमती साह के अनुसार जव वो एक कर्मचारीसे बात की तो उनहोने सुझाव दिया कि वे कुछ दिनके लिए हुकिङ कर ले । कुछ दिन होते होते साल गुजरगया मगर साह के घरमे अभितक मिटर नही आया । उसीतरह दुसरा ग्राहक निर्मला कुमारी यादव की कहानी भी उसीतरह की है । साह और यादव के विषय को लेकर जब प्राधिकरणके कर्मचारीयों से पुछा गया तो कोई भी कर्मचारी उतर देना नही चाहा । एैसे दर्जनौ ग्राहक है जो नेपाल विधुत प्राधिकरण का चक्कर महिनो से काट रहे है मगर सरोकारवाला कान मे रुई ठुसे हुवे है । अगर लाहान विधुत प्राधिकरण की बात करे तो लगता है यहाँ का कर्मचारी सब सरकार द्धारा संचालित नही बल्की सरकार उनलोगो के द्धारा संचालीत है । लाहान के विधुत कार्यलय मे गणतन्त्र नही बल्की कर्मचारीतन्त्र की झलक देखी जा सकती है । सुवह अधिकाँश कर्मचारी १० बजे नही बल्की मनमौजी समयमे आना, ग्राहकों को लाईन मे खडा करके गप लगाना और अगर कोइ साहेब का मुड ना बने तो ईन्टरनेट खराब होने का बहाना बना के ग्राहक को अगले दिन का तारिख देना ए सब कर्मचारीतन्त्र नही है तो क्या है ? विधुत चुहावट के जिम्मेदार जितना ग्राहक सब है उससे कहिं अधिक जिम्मेदार यहाँ का अनुशासनहिन कर्मचारी है ।


