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उपप्रधानमन्त्री रावल ने प्रधानमन्त्री ओली पदमुक्त न होने का दावा किया है

विजेता चौधरी, काठमाण्डू, साउन ३
संसद सचिवालय ने नेकपा माओवादी केन्द्र तथा नेपाली कांग्रेस सहित मधेसी मोर्चा के सांसदों द्वारा दर्ता किया गया अविश्वास प्रस्ताव के उपर तीन दिनों तक विमर्श होगी बताया ।
उक्त प्रस्ताव के उपर साउन ६ गते से ८ गते तक विमर्श होने की जानकारी सभी दलों के सांसदों को दे दिया गया है ।
संविधान के धारा २९८ का १३ तथा संसदीय नियमावली का नियम २०६ का उपनियम १ बमोजिम दार्ता किया गया प्रस्ताव को ६ गते बैठने वाली संसद के बैठक में उपनियम ४ बमोजिम कांग्रेस तथा माओवादी के तरफ से प्रस्ताव पेश किया जाएगा ।

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उस के बाद सभामुख उक्त प्रस्ताव के उपर बोलने को इक्षुक सदस्यों को समय देते हुए उसी नियम के उपनियम ५ बमोजिम प्रधानमन्त्री व नीज के अधिकृत किया हूआ कोइ मन्त्री प्रस्ताव व विमर्श में उठें प्रश्नों के जवाव देगा ।
सदन समक्ष निणृयार्थ पेश किया गया प्रस्ताव के उपर सांसद में कायम सम्पूर्ण सदस्य संख्या अर्थात ५९५ सदस्य के बहुमत अनुसार २ सय ९८ सदस्य ने पक्ष मे मत देकर पारित करने से नियम १६० के उपनियम ९ बमोजिम प्रधानमन्धत्री केपी ओली अपने पद से स्वतः मुक्त हो जाएगें ।
बहरहाल कांग्रेस तथा माओवादी की माने तो अभी तक अपने प्रस्ताव के पक्ष में ३ यस ३५ से अधिक सदस्यों का समर्थन होने का दावा कर रहा है ।
उपप्रधानमन्त्री रावल ने प्रधानमन्त्री ओली पदमुक्त न होने का दावा किया है

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वहीं दुसरी तरफ उपप्रधान तथा रक्षामन्त्री भिम रावल ने प्रधानमन्त्री विरुद्ध के अविश्वास के प्रस्ताव पारित हाते हुए भी संविधान ने नया सरकार गठन की परिकल्पना नही किया है इसी लिए प्रधानमन्त्री ओली पदमुक्त न होने का दावा किया है ।
रावल ने अविश्वास के प्रस्ताव पारित होन से भी प्रधानमन्त्री ओली संघीय संसद के निर्वाचन न होने तक पद में बहाल रहेगें बताया ।
अविश्वास के प्रस्ताव पारित करने को मोर्चा सहति के गठबन्धन तैयार
लोकतान्त्रीक मधेसी मोर्चा सहित के संघीय गठबन्धन ने प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली के विरुद्ध व्यवस्थापिका संसद में दर्ता किया गया अविश्वास के प्रस्ताव को पारित करने के लिए सक्रिय रुप में सहयोग करने का निर्णय लिया है ।

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